अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर को स्वच्छ बनाने में अब आम नागरिक भी सहयोग कर सकता है। ज्यादा कुछ नहीं बस उसे गंदगी की फोटो क्लिक करके एक एप्लीकेशन पर अपलोड करनी है। इसके बाद उक्त लोकेशन पर पहुंचकर नगर परिषद के कर्मचारी सफाई करेंगे। यदि सफाई नहीं होती तो उच्च अधिकारी इस मामले में कार्यवाई करेंगे।
दरअसल, स्वच्छता मुहिम को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता मैप एप्लीकेशन जारी की गई है। राज्य के कई नगर निगमों और परिषदों में यह सेवा चालू हो चुकी है। मंगलवार को बहादुरगढ़ में भी यह ऐप जारी कर दी है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) निशिता बैनर्जी मंगलवार को बहादुरगढ़ नगर परिषद पहुंची। यहां उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों और सक्षम योजना से जुड़े युवाओं को उक्त ऐप की जानकारी दी।
बैनर्जी ने सबसे पहले लैपटॉप से सरकार की ओर से बनाई गई 15 मिनट की फिल्म दिखाकर स्वच्छता मैप ऐप के बारे में जानकारी दी। फिल्म में दिखाया गया कि यह ऐप कैसे काम करती है। आम नागरिक कैसे अपने मोबाइल पर इसको गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके गंदगी का फोटो डाल सकते हैं और फिर सफाई कर्मचारी व अन्य अधिकारी कैसे एक प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय में उसकी सफाई करके शहर को साफ-स्वच्छ बनाने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ऐप को नप के सभागार में मौजूद पार्षदों, सफाई अधिकारियों और सक्षम योजना के युवाओं के मोबाइल फोन में डाउनलोड भी करवाया।
इस मौके पर नप की चेयरपर्सन शीला राठी, वाइस चेयरमैन विनोद कुमार, पार्षद सत्यप्रकाश छिकारा, एमई रमेश शर्मा, एमई ओमदत्त शर्मा, कपूर राठी, सफाई निरीक्षक सतपाल सैनी आदि मौजूद थे।
दो तरह की ऐप
सरकार की ओर से डेवलेप की गई यह ऐप दो तरह की है। एक आम नागरिकों के लिए और दूसरा सफाई सुपरवाइजरों के लिए। आम नागरिकों का ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। सुपरवाइजर ऐप का लिंक सीएमजीजीए निशिता ने स्वयं दिया। निशिता ने बताया कि आम नागरिकों की ओर से ऐप पर डाली गई फोटो सुपरवाइजर ऐप पर पहुंच जाएगी। फिर संबंधित सुपरवाइजर अपने क्षेत्र में उसकी सफाई करवाकर वहां से सफाई की फोटो अपलोड कर देगा। निशिता ने सक्षम योजना के तहत काम करने वाले युवाओं, पार्षदों और अधिकारियों से आह्वान किया है कि वे आम नागरिकों को इस ऐप के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दें। ताकि शहर को स्वच्छ बनाया जा सके।
सफाई कराने के लिए निरीक्षक को मिलेगा दो दिन का समय
निशिता के अनुसार ऐप पर डाली गई फोटो में जो गंदगी दिख रही है उसकी सफाई करने के लिए सफाई निरीक्षक को दो दिन का समय दिया जाता है। अगर सफाई निरीक्षक उस गंदगी को दो दिन में साफ नहीं करवाता है तो नप के सचिव या ईओ या फिर उपायुक्त तक उक्त समस्या अपने आप ही पहुंच जाएगी। फिर समस्या का समाधान कराना उच्च अधिकारियों का जिम्मा होगा। उधर, नप की चेयरपर्सन शीला राठी ने आम लोगों से आह्वान किया है कि वे स्वच्छता मैप ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें और स्वच्छता की मुहिम में सहयोग दें।