टेक्निकल ऑब्जेक्शन के बाद फाइलों में दबा कुश्ती हॉल
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता और बबीता फौगाट के गांव बलाली में प्रस्तावित इंटरनेशनल कुश्ती हॉल के निर्माण की ड्राइंग सीएम की मंजूरी के बाद भी अधिकारियों ने टेक्निकल ऑब्जेक्शन लगा दिया है। इस प्रकार सीएम की यह घोषणा एक साल बाद भी फाइलों में दबी हुई है। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने इस फाइल को स्वीकृति पहले ही दे रखी है। वातानुकूलित कुश्ती हॉल के निर्माण पर एक करोड़ 87 लाख रुपये खर्च होने हैं। इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग राज्य के अलावा दिल्ली के आर्किटेक्ट द्वारा तैयार की गई है। वहीं गांव ने इसके लिए साढ़े नौ एकड़ जमीन भी खेल विभाग को दे रखी है। इसके बावजूद भी सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा सवा माह बीतने पर कागजों में ही सिमट कर रह गई है।
18 सितंबर 2016 की सीएम रैली के दौरान गांव बलाली में सीएम ने कुश्ती हॉल बनवाए जाने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा के बाद खेल व पंचायतराज विभाग ने संयुक्त रूप से इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी। ओलंपियन खिलाड़ी गीता व बबीता इसी गांव से हैं ऐसे में सीएम ने इस गांव में जिले का पहला अत्याधुनिक इंटरनेशनल कुश्ती हॉल बनवाए जाने की घोषणा कर रखी है। गीता व बबीता ने अपने पिता द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर से कुश्ती के गुर इसी गांव की माटी में सीखे हैं। घर पर ही मैट लगाकर दोनो बहनों ने कुश्ती खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इन बहनों से प्रेरणा लेकर अन्य लड़कियां व युवक भी अब यहां कोच महावीर की खेल नर्सरी में अभ्यास कर कुश्ती खेल में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जब गीता व बबीता ने कुश्ती खेलना शुरू किया था उस समय उनके पास अपना मैट भी नहीं था। अब यहां आधुनिक इंटरनेशनल कुश्ती हॉल बनना है। यह कुश्ती हॉल पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। यहां बड़ा एयर कंडीशन हॉल बनना है। इसके लिए खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए जमीन पहले ही तय हो चुकी है। पंचायतीराज व खेल विभाग को इस कुश्ती हॉल निर्माण की जिम्मेदारी सौंप रखी है। ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक के नाम से सोनीपत के भालगढ़ में बने नार्थ जोन के कुश्ती सेंटर की तर्ज पर ही गीता-बबीता के नाम से चरखी दादरी के गांव बलाली में कुश्ती हॉल बनाया जाना है। इसके लिए पंचायती राज व खेल विभाग अधिकारियों की टीम अगस्त माह में भालगढ़ कुश्ती सेंटर का दौरा भी कर चुकी है।
अब सीएम से मंजूरी मिलने के बाद फाइल पर लगे ऑब्जेक्शन
नवंबर प्रथम सप्ताह में सीएम मनोहरलाल ने इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग को एप्रूवल दे दी थी। अधिकारियों ने यह ड्राइंग सीएम को दिखाई थी। बाद में यह फाइल विभाग के चीफ के पास टेंडर प्रक्रिया के लिए चंडीगढ़ भेजी गई, लेकिन अब इस फाइल पर तकनीकी ऑब्जेक्शन लग गया है। यह प्रोजेक्ट निर्माण में और लेट हो गया है। इस प्रोजेक्ट निर्माण के लिए पंचायतराज विभाग की 10 नवंबर तक टेंडर लगाए जाने की प्लानिंग थी लेकिन यह टेेंडर प्रक्रिया अब अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। पंचायतीराज विभाग को फाइल के सभी डाटा ऑनलाइन एक्सल फाइल में ऑनलाइन भेजने थे साथ में हार्ड कॉपी भी भेजी जानी थी लेकिन ऐसा नहीं होने पर यह काम बीच में ही रुक गया है।
वर्सन--
बलाली कुश्ती निर्माण के लिए कुछ तकनीकी खामियां रह गई हैं उनको रिमूव कर जल्द ही हेड ऑफिस भेज दिया जाएगा। अब निर्माण के लिए टेंडर में थोड़ी और देरी हो सकेगी। कुश्ती हॉल आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। पहलवानों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
- कुलवीर सिंह, एक्सईएन पंचायतीराज विभाग,