आपके दरवाजे पर आएगा जनस्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
दूषित पेयजल की आपूर्ति और पेयजल की किल्लत से परेशान लोगाें के लिए राहत भरी खबर है। अब जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पानी से संबंधित समस्याओं को जानने और उसके निराकरण के लिए आपके दरवाजे तक पहुंचेंगे। अब परेशान लोगों को विभाग के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए विभाग ने पूरी प्लानिंग तैयार कर ली है। विभाग टोल फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों का समाधान भी प्राथमिकता से करेगा। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा गत दिनों एक बैठक में एक्सईएन को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। डोर-टू-डोर जाकर पेयजल संबंधी समस्याओं का ब्यौरा दर्ज करने का काम प्रदेश सरकार की सक्षम योजना के तहत कार्यरत युवाओं को सौंपा गया है। इनके साथ विभाग का एक कर्मचारी भी उनके साथ मौजूद रहेगा जोकि युवाओं को समस्या दर्ज करने के बारे में गाइड लाइन देगा। यह प्लानिंग आगामी सप्ताह से धरातल पर शुरू कर दी जाएगी।
डीसी ने दिए थे पेयजल समस्याओं के समाधान के निर्देश
करीब दस दिन पहले डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने जिले की पहली डीडब्ल्यूएसएम (डिस्ट्रिक वाटर एंड सेनिटेशन मीटिंग) ली थी। इसमें जन स्वास्थ्य विभाग की लचर प्रणाली की पोल खुली थी। डीसी इससे काफी खफा नजर आए थे। बैठक में लगातार फेल आने वाले पेयजल सैंपलों का मामला भी उठा था। इस पर संज्ञान लेकर डीसी ने जिले में पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग के एक्सईएन को प्लानिंग तैयार करने के आदेश दिए थे। सूत्रों का कहना है कि विभाग ने डीसी के आदेशों को गंभीरता से लेकर डोर-टू-डोर शिकायत दर्ज करने की प्लानिंग तैयार की है।
यह होगी कार्ययोजना
अब जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत विभागीय कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की दूषित पानी से संबंधित शिकायत सुनेगी। इतना ही पानी की उपलब्धता की शिकायत भी सुनी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची बनाकर एरिया वाइज पूरे सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। यह काम सक्षम योजना के तहत नौकरी पर लगे युवाओं को सौंपा गया है। एक टीम में पांच से सात कर्मचारी होंगे। इन युवाओं के साथ विभाग का एक कर्मचारी भी तैनात किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने मेन लाइन में कनेक्शन कर रखा है, कनेक्शन भी वैध नहीं है। कनेक्शन पर मीटर नहीं लगवा रखा है। उन उपभोक्ताओं को भी सूचीबद्ध करेगी। अपने घरेलू कनेक्शन का अन्य कामों में इस्तेमाल करने वाले लोगों की भी पहचान की जाएगी।
1800-180-5678 पर दर्ज कराएं अपनी शिकायतें
जन स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी कर रखा है। उपभोक्ता अपनी पेयजल और सीवरेज संबंधी शिकायतें दर्ज कराने के लिए 1800-180-5678 पर कॉल कर सकते हैं। अब तक जिले में करीब 180 शिकायतें इस नंबर पर दर्ज हुई हैं। डीसी ने जन स्वास्थ्य विभाग को इन शिकायतों का तुरंत प्रभाव से समाधान करने के निर्देश भी जारी किए थे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो टोल फ्री नंबर पर दर्ज होने वाली शिकायतों में से 60 फीसदी का समाधान अब तक किया जा चुका है जबकि कुछ के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिले के यह हैं हालात
जिले में पेयजल सिस्टम लंबे समय से अव्यवस्थित चल रहा है। शहर की अपेक्षा गांवों में पेयजल सिस्टम का सर्वाधिक बुरा हाल है। गांवों को पानी तो मिल रहा है लेकिन विभाग और सरकार को इसके बदले कुछ हासिल नहीं हो रहा है। जिले के गांवों और शहर में इस समय 34 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। करीब 20 हजार अवैध कनेक्शन भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। गांवों की तरफ पेयजल बिलों का इस समय करीब 65 लाख रुपये बकाया चला आ रहा है। लोग अपने कनेक्शन को वैध करवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं गांवों में तो पानी की बर्बादी भी ज्यादा हो रही है। लोगों ने मेन लाइन में दो-दो कनेक्शन बिना अनुमति के लगा रखे हैं। इस समय शहर में साढ़े 14 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। करीब सात हजार के आसपास अवैध कनेक्शन भी हैं। सैकड़ों मकानों में दो-दो पेयजल कनेक्शन भी लगे हैं जबकि कई जगह बिल एक कनेक्शन का भी जमा नहीं हो रहा है। शहर में लोगों ने मेन लाइनों में कनेक्शन ज्यादा कर रखे हैं। घिकाड़ा रोड, चंपापुरी, रोहतक रोड, गांधी नगर, लोहारू रोड, ढाणी रोड, दिल्ली बाईपास से प्रेम नगर को जाने वाली मेन लाइन में भारी संख्या में अवैध पेयजल कनेक्शन हैं। शहर में लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिलती रही हैं। शहर के अधिकतर भागों में करीब 35 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं। इन पेयजल लाइनों के जर्जर होने और सीवेरज से कनेक्ट होने की वजह से भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। कई कालोनियों में लोगों के घरेलू कनेक्शन भी लीक हैं। लोग लीकेज को ठीक करने की बजाय अपनी मनमर्जी से नया कनेक्शन ले लेते हैं। उस पुराने कनेक्शन को अंडरग्राउंड कर दिया जाता है। इससे पाइप लाइन में दूषित पानी की आपूर्ति बनी रहती है।
70 प्रतिशत के नहीं लगे हैं मीटर
इस समय 80 प्रतिशत पेयजल कनेक्शनों पर पानी के मीटर भी नहीं है जबकि मीटर लगवाना अनिवार्य है। मीटर नहीं लगवाने पर अब विभाग इन उपभोक्ताओं से डबल चार्ज वसूल रहा है। इस समय पेयजल का मासिक बिल रेट 60 रुपये है। जिन उपभोक्ताओं ने मीटर नहीं लगवा रखे हैं उनसे 120 रुपये प्रतिमाह चार्ज वसूलने का प्रावधान है।
कोट
विभाग शहरवासियों को शुद्ध और गुणवत्तापरक पेयजल आपूर्ति करने के पक्षधर है। इसके लिए लोगों की घर जाकर शिकायत सुनी जाएगी। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। - एसडीओ रामपाल सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग