सतपाल के सिर सजा पंवार खाप-32 की प्रधानी का ताज
बौंदकलां।
गांव सांवड़ स्थित सूरतपाना धर्मशाला में रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सतपाल सिंह को पंवार 32 खाप का प्रधान बनाया गया है। राजपूत समाज के व्यक्तियों ने हाथ उठाकर सतपाल सिंह का समर्थन किया। बैठक की अध्यक्षता सूबेदार जयसिंह ने की। बैठक में सरपंच मदन सिंह परमार ने गांव के विकास कार्य से संबंधित लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद में सरपंच की मौजदूगी में ही ग्रामीणों ने बाबा गोगापीर मंदिर व अन्य मंदिर में पानी की पाइप लाइन बिछवाने की मांग की गई। इसके साथ ही पक्का जोहड़ का जीर्णोद्धार करनवाने की मांग भी गई।
सरपंच ने कहा कि विभाग ने इस पर बड़े प्रोजेक्ट के तहत ही काम करने के लिए कहा है। इस पर काफी पैसा खर्च होगा। पंचायत ने इस बारे में विभाग को जल्द ही बजट निर्धारित करके जोहड़ पर काम करने केे लिए कहां है। इसके साथ ही ग्राम सभा की बैठक में खेल स्टेडियम का गेट लगवाने और आवारा पशुओं का समाधान करवाने की मांग की गई। इसके साथ ही ग्राम सभा की बैठक में गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पंवार 32 खाप के प्रधान के चुनाव का एजेंडा भी लाया गया। बैठक में सर्वसम्मति से ही सतपाल सिंह को पंवार 32 खाप का प्रधान चुना गया। ग्राम सभा की बैठक में सभी ने हाथ उठाकर प्रधान मनोनित करने का समर्थन किया। इस अवसर पर ग्राम सचिव रामबीर, पंवार खाप के उप प्रधान ओमपाल सिंह चौबारला, पूर्व सरपंच जयपाल सिंह चौबारला, पूर्व सरपंच साधूसिंह, धर्मबीर प्रधान, बिजेंद्र प्रधान, जगदीश, आशीष उर्फ नीटू परमार, सूरजभान तंवर, सूबेदार गिरवर सिंह, राजन सिंह, महाबीर नंबरदार, महेंद्र शेखावत, सुंदर सिंह, रिटायर्ड डीएसपी हरपाल सिंह, बीरू पटवारी और नरेश परमार समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
बाक्स: परंपरा के अनुसार लच्छू नंबरदार के परिवार को सौंपी प्रधानी
गांव सांवड़ में जिंदिया महाराज के समय से ही सर्वप्रथम करीबन 1857 में महाराज ने लच्छू सिंह को गांव की नंबरदारी सौंपी थी। तभी से पंवार 32 खाप के प्रधान का पद भी उनको सौंपा गया था। तभी से उनके परिवार को ही इस पद पर बैठाया जाता था। लेकिन कुछ समय से अन्य लोगों को भी इस पद पर बैठने का मौका मिला है। लेकिन रविवार को समाज के लोगों ने पुरानी परंपरा निभाते हुए लच्छू नंबरदार के परिवार से ही रणजीत सिंह नंबरदार के बेटे सतपाल सिंह को प्रधान मनोनीत किया गया है।