अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
बादली क्षेत्र में एसईजैड की जमीन पर किसानों ने कब्जा करना शुरू कर दिया है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में किसानों ने एकत्रित होकर निमाना गांव से जमीन पर कब्जा करने की शुरूआत कर दी है। किसानों ने कंपनी की ओर जमीन में बनाए गए गहरे गड्ढों को भरना शुरू किया और निमाना गांव के बाद सौंधी और याकूबपुर सहित कई गांवों की जमीनों को बिजाई योग्य बनाया। इससे पहले सौंधी गांव के चबूतरे पर गुलिया के 30 गांवों की पंचायत हुई। जिसमें जमीन को बिजाई योग्य करने का फैसला लिया गया।
सौंधी गांव के चबूतरे पर हुई पंचायत की अध्यक्षता नेतानंद पंडित ने की जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। पंचायत में सबसे पहले जिला प्रशासन को 15 दिन पहले दिए गए अल्टीमेटम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रशासन ने अल्टीमेटम पर कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि प्रशासन की ओर से तहसीलदार कंवल सिंह यादव पंचायत में पहुंचे। मगर किसानों ने प्रशासन की ओर से मांगे गए समय पर ध्यान नहीं दिया।
पंचायत में किसानों ने बताया कि पंचायत में माडल इकोनॉमिक टाउनशिप की वादाखिलाफी की गई है। पंचायत में नेतानंद पंडित, जिला पार्षद मामन ठेकेदार, जिला पार्षद जगबीर निमाना, सतेन्द्र, महाबीर पेलपा, चांद, राकेश, बबलू, काला निमाना सहित किसानों ने कहा कि 11 साल पहले जमीन को खरीदते समय पर कंपनी ने रायल्टी देने की बात की थी। लेकिन किसानों को रायल्टी नहीं दी गई। उस समय पर जमीन पर कंपनियां स्थापित करने का वादा देते हुए कहा था कि क्षेत्र का विकास होगा और बेरोजगारों को नौकरियां भी मिलेंगी। लेकिन लंबा समय गुजरने पर भी नाममात्र की दो कंपनियां स्थापित की हैं। जोकि किसानों के साथ विश्वासघात के साथ समान है। बाद में सर्वसम्मति से जमीन पर कब्जे की पहल शुरू कर दी।
वहीं, उपमंडल अधिकारी जगनिवास भी स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे। उनके साथ पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। लेकिन किसानों ने प्रशासनिक अधिकारी की किसी बात पर ध्यान नहीं दिया।
ये है मामला
रिलायंस कंपनी ने 2006-07 में क्षेत्र की जमीन को खरीदा था। जमीन पर एसईजैड स्थापित करना था और इन इकाइयों में क्षेत्र के युवाओं को नौकरी देने, किसानों को रायल्टी देने सहित कई वादे पूरे किए गए। मगर करीब 11 साल पूरे होने पर भी जमीन खाली पड़ी है और बंजर होने के कगार है। पिछले दिनों कंपनी ने जमीन पर गड्ढे बना दिए। जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
ऐसे चली पंचायत की कार्रवाई:
- सुबह 11 बजे सौंधी गांव के चबूतरे पर पंचायत के लिए किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।
- पंचायत की अध्यक्षता के लिए नेता नंद पंडित को चुना गया।
- किसानों ने जिला प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम पर जवाब मांगा जिस पर प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया है।
- 12 बजे सुनील जहांगीरपुर ने प्रशासन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
- 12 बजकर 5 मिनट पर तहसीलदार कवंल सिंह पंचायत में पहुंचे और जिला प्रशासन की ओर से 31 अगस्त तक समय मांगा। कुछ किसानों समय देने की बात कही, जबकि बाद में प्रशासन को समय न देने पर सहमति बनी। - पंचायत ने फैसला लिया कि तुरंत प्रभाव से जमीन पर कंपनी द्वारा बनाए गड्ढों को भरने का काम किया जाएगा।
- 12 बजकर 45 मिनट पर किसानों ने जमीन की तरफ रूख किया और निमाना गांव से गड्ढे भरने की शुरूआत कर दी।
- गड्ढे भरने का काम निमाना, सौंधी सहित आस-पास के कई गांवों की जमीन किया गया।
- देर शाम तक किसान जमीन पर गड्ढे भरने के काम में लगे रहे और इस दौरान पंचायत में मौजूद सभी लोग मौके पर मौजूद रहे।
समय पर दे रहे हैं रॉयल्टी
रिलायंस की तरफ से जनसंपर्क अधिकारी पितांबर हिंदवान का कहना है नियमानुसार किसानों को रॉयल्टीसमय पर दी जा रही है। युवाओं को रोजगार के लिए एमईटी में प्रयास जारी है। हरियाणा सरकार ने कंपनियां स्थापित किए जाने का आश्वासन मिला है। इसके बाद युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने जमीन पर गड्ढे बनाए जाने की जवाब में कहा कि बाहर से आने वाली कंपनी जमीन देखकर वापस चली जाती थी क्योंकि जमीन पर किसानों द्वारा बिजाई की जा रही थी। इसलिए गड्ढे बनाए थे।
तहसीलदार
पंचायत में जिला प्रशासन की ओर पहुंचे तहसीलदार कवंल सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने किसानों से 31 अगस्त तक समय मांगा था। लेकिन किसानों ने प्रशासन से समय देने से मना करते हुए जमीन पर ट्रैक्टर चलाने का काम कर दिया। हालांकि किसानों ने उन्हें ज्ञापन भी दिया है। जिसे कार्रवाई के लिए अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
- गुलिया चबूतरे पर लिए फैसले के बाद किसानों ने जमीन पर चलवाए ट्रैक्टर