अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
एक परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर बिहार में परिवार बाढ़ के बीच फंसा हुआ है तो यहां बहादुरगढ़ में परिजनों के एक सदस्य की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। विडंबना है कि उक्त परिवार अपने बेटे के शव के अंतिम दर्शन करने के लिए भी नहीं आ सका। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव ससुराल पक्ष को सौंप दिया।
मूलत: जिला शिवहर (बिहार) का निवासी संतोष पिछले कुछ समय से सागरपुर में रह रहा था। बुधवार को वह बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में अपनी बहन के यहां आया था। बताते हैं कि रात को जब बराही फाटक के पास पहुंचा तो वह दिल्ली की तरफ जाने वाली एक ट्रेन की चपेट में आ गया। अधिक चोट आने से उसकी मौत हो गई। राहगीरों ने इसकी सूचना राजकीय रेलवे पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्यवाही शुरू की। पुलिस शव को बहादुरगढ़ के ट्रामा सेंटर में ले आई। यहां शव को पहचान न होने तक शवगृह में रखवा दिया।
ऐसे हुई पहचान
शव के पास पुलिस को एक बैग मिला। उक्त बैग में मोबाइल, कपड़े व कुुछ अन्य सामान मिला। बैग में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हो पाई। आधार कार्ड पर अंकित पते के आधार पर पुलिस ने पहचान के प्रयास शुरू किए। बिहार पुलिस से संपर्क किया। दोपहर तक पुलिस मृतक के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करती रही। दोपहर बाद जब परिजनों से संपर्क हो पाया तो पता चला कि उक्त परिवार बाढ़ में फंसा हुआ है। परिवार की लाचारी
संतोष के गांव में बाढ़ के कारण हर तरफ जलभराव है। परिवार पानी के बीच में फंसा है। इस कारण वे गांव से बाहर निकलने में भी सक्षम नहीं हैं। ऐसे में बेटे की मौत सुनकर उक्त परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बाढ़ के कारण वे इतने बेबस हो गए कि अपने संतोष के शव के अंतिम दर्शन के लिए भी नहीं पहुंच सके। पुलिस किसी तरह दिल्ली स्थित संतोष की ससुराल में संपर्क किया और उसकी मौत की सूचना दी। तब बृहस्पतिवार की शाम ससुराल पक्ष के लोग आए तो उन्हें शव सौंप दिया गया। बताते हैं कि करीब 25 वर्षीय संतोष का विवाह कुछ वर्ष पहले ही हुआ था। वह अपनी पत्नी के साथ सागरपुर में रहता था। एक महीने पहले ही वह बेटी का पिता बना था। संतोष की मौत से नन्ही कन्या के सिर से भी पिता का साया हट गया।
परिजनों के बयान पर होगी कार्यवाही
मामले के जांच अधिकारी एसआई मंजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक का शव उसके ससुराल पक्ष के लोगों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मामले में 174 के तहत कार्यवाही की गई है। पोलस्टमार्टम रिपोर्ट एवं परिजनों के बयान के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बिहार में बाढ़ में फंसा परिवार, इधर बहादुरगढ़ में हो गई बेटे की मौत
-सागरपुर में रह रहा था बिहार निवासी संतोष
बेटे के शव के अंतिम दर्शन भी करने नहीं आ सके परिजन