अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
बिजली बिलों में आ रही खामियों को दूर करने के लिए बिजली निगम ने मीटर रीडिंग प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इस योजना पर काम शुरू हो गया है। फिलहाल एक एजेंसी शहर में मीटरों का सर्वे कर डाटा कलेक्ट कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये मीटरों की रीडिंग ली जाएगी।
मीटरों की रीडिंग एवं बिल बांटने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को दूर करने के लिए बिजली निगम ने मीटर रीडिंग एवं बिल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य में कई नई एजेंसी हायर की हैं। बहादुरगढ़ में दो साल के लिए यह कांट्रेक्ट टीडीसी मैनेजमेंट कंपनी को मिला है। कार्य शुरू करने से पहले निगम ने उक्त एजेंसी को इलाके के तमाम उपभोक्ताओं के घरों में जाकर मीटरों का सर्वे करने को कहा है। इस पर उक्त एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में एजेंसी के 50 कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों के मीटरों की जांच कर रहे हैं। एक मोबाइल एप्लीकेशन और उपकरण की मदद से ये कर्मचारी उक्त उपभोक्ता और उसके मीटर का रिकॉर्ड जोड़ रहे हैं।
इलाके में हैं 75 हजार मीटर
बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र में बिजली निगम के 60 हजार उपभोक्ता हैं जबकि ग्रामीण इलाके में 25 हजार कनेक्शन हैं। फिलहाल सर्वे शहरी क्षेत्र में किया जा रहा है। गत 15 दिनों में 11 हजार मीटरों का सर्वे किया जा चुका है। निगम के अधिकारियों की मानें तो 31 अगस्त तक यह सर्वे कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एजेंसी रीडिंग लेने एवं बिल डिस्ट्रीब्यूशन का काम शुरू करेगी।
इस कारण उठाया कदम
इससे पूर्व रीडिंग व बिल बांटने का जिम्मा हरियाणा एक्स सर्विस लीग के पास था। पहले शिकायतें रहती थी कि रीडर मीटरों की सही रीडिंग नहीं लेते। मनमाने ढंग से रीडिंग चढ़ाते हैं या फिर सेटिंग करके लोगों की रीडिंग कम चढ़ा देते थे। इसके अलावा लोगों के घरों पर भी बिल नहीं पहुंच पाते थे। रीडिंग में खामियों के कारण बिल कम-ज्यादा हो जाते थे। इससे उपभोक्ताओं और निगम अधिकारियों दोनों को बेहद परेशानी होती थी जबकि बिल बांटने व रीडिंग लेने वाला पल्ला झाड़ लेता था। इस पचड़े से निपटने के लिए ही निगम ने यह कदम उठाया है।
सारी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
इस नई योजना के तहत रीडर को हरेक घर में जाना होगा। रीडर मोबाइल एप्लीकेशन व स्केनर के जरिये मीटर को कनेक्ट करेगा। नए मीटरों का डाटा डाउनलोड किया जाएगा और पुराने मीटरों की फोटों खींचकर एप्लीकेशन में अपलोड की जाएगी। इस प्रक्रिया से तुरंत डाटा निगम की साइट पर पहुंच जाएगा जिससे रीडिंग बिलकुल सही दर्ज होगी और उसी आधार पर बिल आएगा। इससे बिल कम-ज्यादा होने की समस्या का समाधान होगा। मीटरों पर एक बार कोड भी लगाया जाएगा जिसे हर बार रीडर को स्कैन करना होगा। यदि बारकोड स्कैन नहीं हुआ तो इससे पता चल जाएगा कि रीडर ने उक्त मीटर की रीडिंग नहीं ली। किसी भी मामले में दोषी पाए जाने पर निगम उक्त रीडर को दंड देगा।
अकसर रहती थी शिकायतें
अक्सर उपभोक्ताओं को समय पर बिल न मिलने, रीडिंग ज्यादा लेने, बिल ज्यादा आने की शिकायतें रहती हैं। इन सब समस्याओं के समधान के लिए ही यह कदम उठाया गया है। सर्वे सही गति से चल रहा है और निर्धारित समय में पूरा हो जाएगा। आमजन कर्मचारियों के इस सर्वे कार्य में सहयोग करें।
- सुनील कुमार जैन, एक्सईएन बिजली निगम, बहादुरगढ़
- बिजली निगम ने योजना पर शुरू किया काम
- मीटरों की रीडिंग और बिल बांटने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को दूर करने के लिए कई एजेंसी की हायर