अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। नहरी पानी कम आने के कारण शहर के नजदीकी गांव खेड़ी खुम्मार के ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ग्राम पंचायत द्वारा इसका दूसरा विकल्प तलाश किया गया, मगर यह विकल्प भी ऐसा है कि लोगों को इसके बावजूद समस्याओं का सामना करना ही पड़ रहा है। पानी कम आने के कारण गांव वाले पानी को तरस रहे हैं, ऐसे में ट्यूबवेल का पानी लोगों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसका पानी इतना खारा है कि उसे न तो कपड़े धोने में प्रयोग लाया जा सकता है, न ही नहाने में प्रयोग लाया जा सकता है। इस पानी के प्रयोग करते हुए लोगों को खुजली, खाज जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। गांव के पंच विक्की ने बताया कि यह समस्या एक गंभीर समस्या है, इससे शरीर में त्वचा संबंधी रोग होने लगे हैं। हम बहुत ज्यादा परेशान है, क्योंकि जो पानी इस समय नलकों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है वह किसी भी प्रकार से प्रयोग योग्य नहीं है। हम जिला प्रशासन से गुजारिश करते हैं कि हमारी इस समस्या का समाधान करवाया जाए।
लंबे समय से नहरी पानी कम आने के कारण यह समस्या हो रही है। इसके विकल्प में हम ट्यूबवेल का पानी लोगों के उपलब्ध करवा रहे है, मगर वह खारा होने के कारण लोगों को भारी समस्या हो रही है। जहां से खारा पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है वहां उस जमीन में पानी चेक करवाया था। विभाग ने वहां जमीन में करीब 1500 फीट नीचे पानी मीठा बताया है। जिसकी जानकारी ग्राम पंचायत द्वारा प्रशासन व सरकार को दी गई, लेकिन ग्रामीणों को आज तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। गर्मी शुरू होने जा रही हैं इसकी चिंता ग्रामीणों को पहले ही सताने लगी है।
उषा किरण, सरपंच, खेड़ी खुम्मार।