बहादुरगढ़। पिछले सप्ताह मांडोठी में हुए अमन हत्याकांड में शामिल रहे एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी ने ही मुख्य आरोपी को अपना लाइसेंसी हथियार दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ये है मामला
दरअसल, गांव मांडोठी के निवासी सुरजीत का अपने ही कुणबे के ही लोगों से जमीन का विवाद चल रहा है। 12 दिसंबर को कुणबे के धर्मवीर व अन्य का सुरजीत की पत्नी कुंती के साथ झगड़ा किया। इस झगड़े में 17 वर्षीय अमन ने अपनी बहन कुंती का पक्ष लेते हुए बीच बचाव किया। तब तो उक्त लोग चले गए। अगले दिन 13 दिसंबर को दो गाड़ियों में सवार होकर ये लोग रोहद मार्ग स्थित सुरजीत के निर्माणाधीन सर्विस स्टेशन पर पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां चला दी। गोली लगने से अमन की मौत हो गई। सुरजीत की शिकायत पर धर्मवीर व पांच अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी धर्मवीर को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
सीआईए प्रभारी विवेक मलिक ने बताया कि धर्मवीर उर्फ मोनू ने पूछताछ में बताया था कि धर्मपाल ने उसे अपना लाइसेंसी रिवाल्वर दिया था। फिर इसी रिवाल्वर से उसने वारदात को अंजाम दिया। यह जानकारी मिलने पर उन्होंने धर्मपाल को गांव मांडोठी से ही काबू कर लिया। पूछताछ में धर्मपाल ने हथियार देने की बात कुबूल कर ली। वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।