स्कूली बसों के सीसीटीवी कैमरे खराब, चालक भी नहीं पहनते वर्दी
चरखी दादरी। अचीना हादसे से भी स्कूल संचालक सबक नहीं ले रहे हैं और उनकी लापरवाही अब प्रशासन की कार्रवाई में सामने आ रहे हैं। आरटीए विभाग के बाद बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने भी करीब 50 स्कूली बसों को रुकवाकर उनके कागजातों की जांच की। इस दौरान कई बसों में लगे कैमरे खराब मिले तो 90 फीसदी के चालक-परिचालक वर्दी नहीं पहने हुए थे। सुबह और दोपहर को पुलिस टीमों ने शहर से गुजरने वाली 33 स्कूली बसों के चालान किए और छह को इंपाउंड किया।
दादरी पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग के निर्देशों पर बुधवार को स्कूली बसों का चेकिंग अभियान उप पुलिस अधीक्षक यातायात प्रदीप कुमार के नेतृत्व में शुरू किया गया है। यातायात प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार और उनकी टीमों ने सुबह करीब साढ़े छह बजे और दोपहर एक बजे अभियान चलाकर करीब 50 वाहनों के कागजात जांचे। इस दौरान रावलधी टी-प्वाइंट पर तो एक स्कूली बस के ड्राइवर के पास खुद का लाइसेंस तक नहीं मिला। चालक मथुरा के एड्रेस पर बने लाइसेंस पर बस दौड़ा रहा था। इतना ही नहीं उसने लाइसेंस पर अपना फोटो बाद में चिपकाया था और इसके नीचे अधिकारी के हस्ताक्षर थे। चालक के पास बस के कागजात तक नहीं थे और पुलिस कर्मियों द्वारा बस रुकवाने पर मालिक से फोनकर कागजात मंगवाए। इस दौरान स्कूली वाहनों में बच्चों के सुरक्षा से संबंधित उपकरणों की जांच भी की गई। स्कूल वाहनों में सवार बच्चों से संवाद किया गया। ट्रैफिक थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि स्कूल बसों के चालक और परिचालक और प्रबंधक समिति को बच्चों को उनके गंतव्य तक छोड़ने की जिम्मेदारी होती है। स्कूल बसों के चालक-परिचालक का वर्दी में होना, नेम प्लेट लगा होना, स्कूल बस का पीला रंग होना, बच्चों की सुरक्षा संबंधी सभी उपकरणों का होना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति के अंदर बस चलाना आदि की पालना बेहद जरूरी है। अभियान के दौरान ज्यादातर बसों के चालक वर्दी में नहीं मिले जबकि कुछ के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई।
दादरी पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत स्कूल वाहनो की चेकिंग की जा रही है। चेकिंग का मुख्य उद्देश्य स्कूल वाहन में सफर करने वाले बच्चों को सुरक्षित सफर मुहैया कराना है। स्कूल वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी, गति नियंत्रक आदि सुरक्षा उपकरण लगाने अनिवार्य हैं।
हिमांशु गर्ग, एसपी