बिजली की मेन लाइन में फाल्ट, शहर में ब्लैक आउट
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
हल्की बारिश से 11 हजार वोल्ट की मेन लाइन के कंडक्टर और अन्य जगह फाल्ट आने से सोमवार रात को अधिकांश शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ब्लैक आउट की स्थिति से जलघर और सिविल अस्पताल भी प्रभावित रहे। सुबह जहां घरों में अंधेरा रहा वहीं पानी नहीं मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निगम के अनुसार सोमवार शाम आठ बजे आए फाल्ट सुबह पांच बजे तक ठीक हो गए थे। इसके बाद बिजली की आपूर्ति सुचारु हो गई थी। दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में बिजली कर्मचारी दोपहर तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त करते नजर आए। रातभर रिमझिम बारिश के दौरान शहर अंधेरे में रहा। बिजली निगम के करीब 12-13 कर्मचारी रात में ही आपूर्ति ठीक करने में जुट गए थे। कटों से सर्वाधिक परेशानी सिविल अस्पताल के मरीजों और आढ़तियों को हुई।
सोमवार शाम से ही बारिश की झड़ी शुरू हो गई थी। बारिश की वजह से शहर के करीब 10 भागों में बिजली की लाइनों में बड़े फॉल्ट आ गए। शहर में मेन 11 हजार की वोल्ट की लाइन के कंडक्टर में भी खराबी आ गई। इससे शहर का 90 प्रतिशत एरिया अंधेरे में डूब गया। रात को लोहारू रोड पर कंडक्टर में फॉल्ट आ गया था। इस फॉल्ट को ढूंढने के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों को तीन घंटे लगे। इसके बाद यह फॉल्ट मिला। फॉल्ट को ठीक करने में 12-13 कर्मचारी रातभर जुटे रहे। बिजली आपूर्ति ठप होने से शहर का बस स्टैंड रोड, लोहारू रोड, सिविल अस्पताल रोड, रोहतक चौक एरिया, रेस्ट हाउस एरिया, रेलवे रोड, चंपापुरी, गांधी नगर, प्रेम नगर, काठ मंडी एरिया, सब्जी मंडी एरिया, नील फैक्ट्री एरिया, कालेज रोड, लाजपत राय चौक, राजकीय स्कूल एरिया, नगर परिषद क्षेत्र, एमसी कालोनी, घिकाड़ा रोड एरिया, दिल्ली रोड, तिकोना पार्क सहित तकरीबन भागों में अंधेरा छाया रहा।
यह काम है कंडक्टर का
कंडक्टर सिल्वर का बना होता है। यह मेन लाइन की तारों से कनेक्ट होता है। यह लाइन को जोड़ने का काम करता है। कंडक्टर में फॉल्ट आने पर करंट आगे नहीं बढ़ पाता। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
इन क्षेत्रों में लाइन हुई ब्रेेक डाउन
शहर की काठ मंडी, नई सब्जी मंडी, अनाज मंडी और नील की फैक्ट्री सहित एक दर्जन स्थानों पर 11 हजार की मेन लाइन ब्रेक डाउन हो गई। इन लाइनों में बारिश की वजह से जगह-जगह फॉल्ट आ गया जिससे काफी एरिया में सुबह तक भी बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। मंगलवार दोपहर तक बिजली कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे। बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा। जनस्वास्थ्य विभाग रात के समय शहर के जलघरों से बूस्टिंग में पानी डालता है। सुबह इन बूस्टिंग से कालोनियों और बाजारों में पानी की आपूर्ति की जाती है बिजली ठप होने से लोगों को समय पर भी नहीं मिला। सिविल अस्पताल में भी कुछ घंटे कामकाज बाधित रहा।
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शहर की केबलों में बढ़ रहे फाल्ट
शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मरों की संख्या 963 है। यह ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से मुश्किल से 20 मकानों को ही बिजली आपूर्ति हो पाती है। इनकी केबलों में समय- समय पर होने की शिकायतें बनी रहती है। करीब 20 प्रतिशत केबल पंक्चर पड़ी है। इतना ही नहीं शहर में करीब 13 सौ पुराने ट्रांसफार्मर भी हैं जिनमें से करीब 25 प्रतिशत ट्रांसफार्मर लोड पर चल रहे हैं। जगह-जगह कालोनियों में पुरानी तारें लटकती देखी जा सकती हैं। थोड़ी और तेज हवाएं चलने पर फॉल्ट आ जाता है। कई जगह तो जमीन पर ही यह ट्रांसफार्मर रखे हैं। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कॉलोनियों में बिजली गायब हो जाती है। शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। शहर में करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। सब स्टेशन की क्षमता 950 एंपियर है। लोड बढ़ जाने पर यह 850 एंपियर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगाने पड़ते हैं तब जाकर स्थिति सामान्य हो पाती है। शहर में लाइन लोस इस समय करीब 30 प्रतिशत तक बना हुआ है। पुराने शहर में लाइन लोस कई बार 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।
कोट
शहर के विभिन्न भागों मेें लाइनों में फॉल्ट आ गए थे। सभी फॉल्ट ठीक कर दिया गया है। अब सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति हो रही है। -विक्रम, एसडीओ, बिजली निगम
कोट
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई समुद्र सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति से शहर में पेयजल आपूर्ति पर थोड़ा असर जरूर पड़ा। सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति करवाई गई है। पेयजल आपूर्ति के समय को बाद में थोड़ा बढ़ा दिया गया था।