अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन झज्जर में एक दिवसीय दौरे के दौरान मंगलवार को मृृदा जांच का महत्व किसानों को समझाने के लिए पहुंचे थे। कृषि विभाग की ओर से कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र में रखा गया। केंद्रीय मंत्री राधामोहन के कार्यक्रम में किसानों की संख्या काफी कम रही। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए करीब तीन एकड़ से कम जगह पर टेंट लगाया गया था। भीड़ दिखाने के लिए कृषि विभाग की ओर से पंडाल में कुर्सियां तक लगवाई गई थी। लेकिन वो कुर्सियां भी खाली रह गई तो अधिकारियों को पसीना आ गया। कार्यक्रम को विफल होने की शिकन कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के चेहरे पर भी साफ नजर आई। जोकि अपने कार्यकर्त्ताओं को स्टेज से खाली कुर्सियां भरने के लिए इशारे करते हुए नजर आए। लेकिन मंत्री का यह प्रयास भी विफल रही। पंडाल में बीच-बीच में काफी जगह कुर्सियां खाली रही तो एक कोना पूरी तरह से खाली रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री की सभा से किसानों का दूरी बना लेना भाजपा के लिए खासकर कृषिमंत्री ओपी धनखड़ के लिए कोई शुभ संकेत नहीं है।
संबोधन से पहले खाली होने लगा पंडाल
केंद्रीय मंत्री की सभा में भीड़ न पहुंचने से आयोजक पहले ही परेशान थे। लेकिन हद तो उस समय हो गई, जब प्रदेश के कृषि मंत्री धनखड़ के संबोधन से पहले ही भीड़ कार्यक्रम छोड़कर जाने लगी। इस पर अधिकारियों ने पुलिस की सहायता लेकर लोगों को पंडाल में रोके रखने का नाकाम प्रयास किया। कार्यक्रम छोड़कर जा रही महिलाएं कह रही थी कि सुबह से बैठा रखा है, पानी तक नहीं दिया। उन्हें क्या घर पर कोई काम नहीं है, जो शाम तक यहीं बैठी रहेंगी। इतना ही नहीं कृषि विभाग की एक महिला अधिकारी तो गेट पर हाथ जोड़कर मंत्री के भाषण तक रूकने लिए मिन्नतें करतेे हुए नजर आई। लेकिन महिलाओं ने उनकी एक न सुनी।
भीड़ के लिए महिलाओं को सहारा
कार्यक्रम को लेकर आयोजकों को पहले ही आभास हो गया था कि कार्यक्रम में किसानों की संख्या काफी कम रहने वाली है। इसलिए आयोजकों ने सेल्फ हेल्प ग्रुप व दूसरे समूहों में कार्य करने वाली महिलाओं को कार्यक्रम में बुलाया। इससे साफ दिख रहा था कि कार्यक्रम के दौरान किसानों की बजाए करीब 70 फीसदी उपस्थिति केवल महिलाओं की रही। महिलाओं के पंडाल छोड़कर जाने के सिलसिले ने मंत्री ओपी धनखड़ को अपना संबोधन केवल पांच मिनट में खत्म करने को मजबूर कर दिया।
भाजपाई नहीं देते किसानों को न्यौता : बैनीवाल
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान जयप्रकाश बैनीवाल ने कहा कि भाजपा वाले केवल अपने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को ही किसान मानते हैं। मंगलवार को आयोजित हुए कार्यक्रम का किसान सभा या फिर आम किसान के पास न्यौता नहीं था। जब किसान का पेट खाली है तो भाजपा के कार्यक्रम में भी कुर्सियां खाली रहेंगी।
- मंत्री ओपी धनखड़ के संबोधन से पहले ही जाने लगी महिलाएं
- गेट पर और पंडाल में रोकने में जुटे रहे पुलिसकर्मी व कृषि विभाग अधिकारी