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नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में श्रद्वालुओं की भीड़, अल सुबह से ही कतार में जुटे भक्तजन

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अमर उजाला ब्यूरो
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बेरी (झज्जर)।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां भीमेश्वरी देवी के दरबार में दूर दूर से भक्त पहुंचे। भक्तों ने देर रात से ही दरबार में पहुंचना आरंभ कर दिया था। गुरुवार को नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेककर मंन्नत मांगी। मां भीमेश्वरी के दरबार को स्पेशल दिल्ली के कारीगरों ने सजाया गया।
मां को सुबह बाहर वाले मंदिर में लाया गया। जहां पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ मां को स्नान करवाया, बाद में मंगला आरती की गई। उसके बाद मां के दर्शन भक्तों लिए खोल दिए गए। दोपहर को मां को अंदर वाले भवन में लाया गया। जहां मां को भोग लगाया उसके बाद अंदर वाले दरबार में मां के भक्तों के लिए दर्शन खोल दिए। भीमेश्वरी देवी का संसार में अकेला मंदिर है जहां पर मां की प्रतिमा तो एक हैै लेकिन मां के मंदिर दो हैैैं। यहां लगने वाले मेले में दूसरे राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम वशिष्ट ने बताया कि देवी को सुबह साढ़े 4 बजे बाहर वाले मंदिर में लाया गया जहां मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। बेरी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेरी मेले की कमान एसडीएम संजय राय ने संभाली है। बेरी चौकी इंचार्ज सत्यवीर ने बताया कि वीरवार से बेरी में माता भीमेश्वरी का मेला शुरू हो गया है और पहले दिन मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर में तैनात दिखे पुलिस अधिकारी कोई अनहोनी घटना हो इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
मां के दरबार को लेकर लोगों में अटूट आस्था
पहले नवरात्र के दिन मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में रोहतक के सुनारियां से आई अपने परिवार से महिला भक्त गुड्डी ने बताया कि मां के दरबार में भक्त जो सच्चे मन से भक्त जो भी मांगता वहीं मिलता है, मां के दरबार में पेटपलनिया माथा टेकने के लिए आई और मां के दरबार में माथा टेेकने के बाद मन की आत्मा को शांति मिलती है।
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मंदिर को फूलों से दिल्ली के कारीगरों ने सजाया
चांदी के सिंहासन पर मां का भव्य रूप का देशभर से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। मां की पोशाक कोलकाता से विशेष तौर पर तैयार की गई है। साथ ही मां के अंदर वाले मंदिर को फूलों से दिल्ली के कारीगरों ने सजाया है। बता दें कि अंदर वाले भवन में शाम को नवरात्रों में मां का सोने के जेवरातों से शृंगार आरंभ हो जाता है। भक्तों ने पवित्र तालाब से मिट्टी निकालकर परिवार की समृद्धि की कामना की और बच्चों के मुंडन करवाया।


- नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़, अल सुबह से ही कतार में जुटे भक्तजन
- चांदी के सिंहासन और कोलकाता की पोशाक में मां भीमेश्वरी, मंगल आरती के बाद भक्तों ने लगाई हाजिरी
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