अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
अगर आप अपनी गली या सड़क के बारे में जानना चाहते हैं तो आपको अपने मोबाइल में एक क्लिक करना होगा और आपको अपनी गली ही क्या, पूरे शहर की किसी भी गली या सड़क की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इतना ही नहीं, आपको ये भी पता चल सकेगा कि शहर की कौन सी गली या सड़क कब बनी थी, और अब दोबारा कब बननी प्रस्तावित है। जी हां, ये एक मोबाइल ऐप हरपथ की मदद से संभव होगा।
प्रदेश सरकार बहुत जल्द प्रत्येक जिले के लिए हरपथ नामक एक मोबाइल ऐप लेकर आ रही है। जिसमें पूरे प्रदेश के जिलों की गलियों और सड़कों का पूरा डाटा होगा। इस मोबाइल एप के इस साल के अंत तक लांच होने की संभावना है। खुद फतेहाबाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अमन ढांडा ने इसकी पुष्टि की है।
सभी विभागों से मांगा ब्यौरा
प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित इस हरपथ मोबाइल ऐप में शहर की सारी सड़कों और गलियों का ब्यौरा होगा। फिर चाहे वो गली नगर परिषद की हो, हुडा की हो या फिर मार्केटिंग बोर्ड की। सभी विभागों को गलियों और सड़कों का ब्यौरा तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजने को कहा गया है। ईओ अमन ढांडा के मुताबिक फतेहाबाद नगर परिषद की ओर से सड़कों और गलियों का पूरा डाटा सरकार को भेज दिया गया है।
हर कार्य के लिए होगा ऑनलाइन आवेदन
गली-सड़क तोडने से पहले हर विभाग को करना होगा ऑनलाइन आवेदन, नागरिकों को भी पहले पता चलेगा
मोबाइल ऐप में सैटेलाइट के जरिए सड़कों और गलियों की मैपिंग का काम पूरा कर लिया गया है। इसके तहत अब जनस्वास्थ्य विभाग या टेलीफोन एक्सचेंज विभाग को अगर कोई भी गली तोड़नी है तो उसे पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन की सूरत में मोबाइल ऐप के डिजिटल नक्शे में वो गली का निशान लाल हो जाएगा। जिससे नागरिकों को अंदाजा हो जाएगा कि उनके मोहल्ले की फलां गली टूटने वाली है। ऐसे में नागरिक भी अपना निजी सीवरेज या अन्य काम उसी अनुसार करवा सकेंगे। इसके अलावा प्रत्येक गली को क्लिक करने पर उसका लाइबिलिटी पीरियड की भी जानकारी आम नागरिकों को भी मिल सकेगी।
वर्जन
प्रदेश सरकार बहुत जल्द हरपथ मोबाइल ऐप लांच करने जा रही है। इस एप के जरिए पूरे शहर की गलियों और सड़कों पर क्लिक करके ही उसकी पूरी जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र में पड़ने वाली गलियों और सड़कों की जानकारी भेजी जा चुकी है। हुडा और मार्केटिंग बोर्ड की डिटेल भी मांगी गई है। स्थानीय निकाय विभाग की पंचकूला मीटिंग में भी इस बारे में बताया गया है।
- नरेंद्र सैनी, सचिव, नगर पालिका झज्जर।
- कब टूटेगी-कब बनेगी, ये भी चलेगा पता
- दूसरे सरकारी विभाग भी ऑनलाइन आवेदन के बाद ही तोड़ सकेंगे गलियां