झज्जर। अनाज मंडी में चल रही खरीद के दौरान उठान को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद डीसी संजय जून जायजा लेने के लिए शुक्रवार को मंडी पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया से जुड़ी सभी एजेंसियां आपसी समन्वय से कार्य करते हुए दो दिन के अंदर मंडी में खरीद हुए अनाज को गोदामों तक पहुंचाए। उपायुक्त ने कहा कि अगर ट्रांसपोर्टर्स ढिलाई करते हैं और दो दिन से ज्यादा समय लेते हैं तो आढ़ती मंडी में संबंधित अधिकारी के संज्ञान में यह बात लाकर स्वयं अपने साधनों से वेयर हाउस तक खरीद हुए अनाज को पहुंचाएं। ऐसे में यातायात का किराया ट्रांसपोर्टर्स के खाते से काटकर आढ़ती को दिया जाएगा। इस दौरान एसडीएम झज्जर शिखा, झज्जर मंडी में जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किसान शिकायत निवारण कमेटी, मार्केट बोर्ड कमेटी झज्जर के चेयरमैन लीलू पहलवान, ट्रांसपोर्टर्स के ठेकेदार, हैफेड,वेयरहाउस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सहित संबंधित विभागीय अधिकारी व आढ़ती मौजूद रहे।
14801 एमटी सरसों की खरीद
प्रथम चरण में झज्जर में बनाए गए पांच खरीद केंद्रों पर 11 अप्रैल तक 6 हजार 987 किसानों से 14 हजार 801 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की चुकी है। वहीं धीमी उठान प्रक्रिया के कारण सात हजार 921 मीट्रिक टन का उठान हो चुका है। उपायुक्त बाकी खरीदी गई सरसों को दो दिन में उठान के निर्देश दिए।
किसानों से भी मिले डीसी
उपायुक्त ने मंडी में अपना उत्पाद बेचने पहुंचे किसानों से भी बातचीत की और मंडी में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त जून ने कहा कि जिला प्रशासन व खरीद एजेंसियों का एक ही ध्येय है कि मंडी में अपना फसल उत्पाद लेकर पहुंचे किसानों को खरीद केंद्र पर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। यह सुनिश्चित करना खरीद केंद्र पर कार्य कर रही सभी एजेंसियों का बराबर दायित्व है। डीएफएसी अशोक कुमार ने उपायुक्त को उपायुक्त संजय जून ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं का तत्परता से समाधान करने के लिए खरीद केंद्र वार अधिकारियों की टीमें नियुक्त की गई हैं। किसी भी किसान को मंडी में पहुंचने उपरांत किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो तुरंत किसान शिकायत निवारण टीम से संपर्क कर अपनी शिकायत का निवारण करवा सकता है। यह व्यवस्था जिला के सभी खरीद केंद्रों पर की गई है।