अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक टीपी सिंह सोमवार को बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के नजदीक बराही फाटक नंबर 26 पर करीब 35 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने ड्रेन पर बने पुल का निरीक्षण किया। इससे पहले जीएम की 16 बोगी की स्पेशल ट्रेन आसोदा में बने नए एसएससी पर भी रुकी। आसोदा स्टेशन पर करीब 25 मिनट रुकने के दौरान उन्होंने वहां के कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों के बारे में भी जानकारी दी। बराही फाटक पर स्वयं हथौड़ी हाथ में लेकर रेलवे जीएम ने ट्रैक की हर व्यवस्थाओं, नट-बोल्ट व अन्य चीजों को परखा। साथ में कुछ खामियां नजर आने पर तुरंत उनको दूर करने के निर्देश भी दिए। रेलवे लाइनों के साथ ड्रेन पुल पर हादसों से बचाव को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने गैंगमैन, ट्राली मैन समेत अन्य कर्मचारियों से भी सुरक्षा मानकों समेत अन्य विषयों को लेकर बातचीत की। कार्य के दौरान गैंगमैन के साथ रखे जाने फर्स्ट एड बाक्स में रखी जाने वाली दवाईयों को भी परखा की कहीं कोई दवा एक्सपायरी डेट की तो नहीं हो गई। जीएम टीपी सिंह ने रेलवे लाइनों के साथ बने ब्रिज, लेवल क्रासिंग, नट-बोल्ट व अन्य टूल्स की बारीकी से जांच की। इस दौरान महाप्रबंधक टीपी सिंह के साथ दिल्ली रेल मंडल के डीआरएम आरएन सिंह, प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर आरपीएफ संजय सांस्कृत्यान, आरपीएफ सीडीएस एएन झा और रेलवे के सभी विभागों को विभागाध्यक्ष स्पेशल ट्रेन से निरीक्षण करने के लिए आए।
नट बोल्ट पर लगे लॉक को ठीक करने की हिदायत दी
शाम 4:15 बजे 16 बोगी की स्पेशल ट्रेन जैसे ही ड्रेन के पुल को पार करके रुकी, तो फाटक पर मौजूद अधिकारी जीएम के स्वागत के लिए दौड़ पड़े। जीएम टीपी सिंह ने ट्रेन से उतरते ही सबसे पहले ड्रेन पर बने पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टीक के जरिए ट्रेन के ऊपर से गुजर रहे ट्रैक में लगे लॉक और नट बोल्ट को चेक किया। इस दौरान उन्हें नट बोल्ट में लगने वाले लॉक पर गैप मिला तो उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से इसका कारण पूछा और कहा कि इसे जल्द से जल्द दूर कराएं। वहीं, ट्रैक निरीक्षण के दौरान नट बोल्ट के लॉक पर मिले गैप को समझाने के लिए उन्होंने कागज पर स्कैच बनाकर वहां मौजूद अधिकारियों को समझाया। उन्होंने कहा कि किसी लॉक के दौरान उसमें लगे नट बोल्ट के ऊपरी लॉक के बीच में कभी भी गैप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गैप कभी भी हादसे की वजह बन सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द उसे सही कराया जाए।
पहले से प्रस्तावित था जीएम का दौरा
उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह का दौरा पहले से ही प्रस्तावित था। सोमवार की सुबह जीएम की ट्रेन बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन से जींद के लिए गुजरी। इस दौरान सुबह से स्टेशन पर तैनात अधिकारियों ने जीएम के स्वागत में किसी तरह की कोई कमी न रहे इसके लिए पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन जीएम की ट्रेन न तो सुबह रुकी न ही शाम को दिल्ली लौटते वक्त।
गैंगमैन से पूछा हालचाल, बोले छुट्टी और वेतन समय पर मिलता या नहीं
निरीक्षण के दौरान जीएम टीपी सिंह ने रेलवे लाइन के किनारे तैनात गैंगमैन का भी हाल चाल जाना। उन्होंने वहां मौजूद गैंगमैन से पूछा कि कहां के रहने वाले हो, कितने दिन से काम कर रहे हो, समय पर वेतन और छुट्टी मिलती है या नहीं। उन्होंने गैंगमैन को जागरूक करते हुए कहा कि अगर कोई भी तुमसे छुट्टी देने या दिलाने के नाम पैसे मांगता है तो तुरंत उन्हें चिट्ठी लिखकर इसकी सूचना दें। उन्हें किसी से डरने की कोई जरूरत नहीं है।
आसोदा में कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों की दी जानकारी
जीएम ने बताया कि रोहतक से लौटते समय आसोदा में बनाए गए एसएससी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों के लिए कर्मचारियों को समय-समय पर जागरूक किया जाता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों को कहा कि ड्यूटी के दौरान पैरों में जूते और हाथों में दस्ताने अवश्य पहने।
जंग लगे औजारों को देखकर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जीएम ने रेलवे ट्रैक पर कार्य के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने और जंग लगे औजारों को देखकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने फावड़ानुमा, गाती व अन्य चीजें स्वयं हाथ में उठाकर यह भी परखा कि किस औजार का कितना प्रयोग कार्य के दौरान किया गया है। जीएम ने इस दौरान पाया कि अनेक औजार तो ऐसे थे जो कि जंग लगे हुए थे और लगता था कि अभी ही स्टोर से निकालकर लाया गया है। बाद में जीएम टीपी सिंह ने कहा कि पुराने जो औजार है उन्हें भी नए तरीके से मोडिफाई करके अत्याधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
रेलवे की कॉलोनियां भी होंगी दुरुस्त
निरीक्षण के दौरान जीएम टीपी सिंह ने बताया कि जिस तरह से नार्दन रेलवे स्टेशन को बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है उसी तरह से अब रेलवे कॉलोनियों को भी और बेहतर बनाने व उनमें सुविधाएं बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। रेलवे मुसाफिरों का सुरक्षित और सुगम सफर हो इसको लेकर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही नार्दन रेलवे में जिस तरह से प्लेटफार्म के विकास कार्य किए गए हैं उसी तरह से यहां के भी प्लेटफार्म का विकास कराया जाएगा।