अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। गांव दरियापुर में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे किनारे रविवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में 15 बंदरों के गली-सड़ी अवस्था में शव मिले। एक साथ इतनी ज्यादा संख्या में बंदरों के शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। किसी मंकी कैचर कंपनी द्वारा बंदरों के शव फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने बंदरों के शव दफना दिए, उधर वन्य जीव विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, गांव दरियापुर का सरपंच संदीप अपने कुछ साथियों सहित रविवार की सुबह टहलने के लिए केएमपी की ओर गया था। कुछ दूरी पर पहुंचे तो उन्हें दुर्गंध महसूस हुई। आगे बढ़े तो केएमपी किनारे बंदरों के शव दिखाई पड़े। 15 बंदरों के शव पाए गए। सरपंच संदीप ने पुलिस को सूचना दी तो बादली चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। बंदरों के शव मिलने की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
शवों के पास खाली बोरी-कट्टे भी मिले
शवों के पास बोरी-कट्टे भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी मंकी कैचर कंपनी ओर से मौत होने के बाद बंदरों के शव यहां फेंके गए हो। दरअसल, बंदर पकड़ने का ठेका लेने वाली कुछ कंपनियां फरीदाबाद के साथ लगते पहाड़ी जंगलों में बंदर छोड़कर आती हैं। यह रास्ता भी फरीदाबाद की ओर जाता है।
गंभीरता से जांच की जाए : सरपंच
दरियापुर के सरपंच संदीप ने कहा कि वे रोजाना वहां सैर करने जाते हैं, लेकिन दुर्गंध आई। बंदरों के शवों की हालत बेहद खराब थी, कीड़े चल रहे थे। ऐसा प्रतीत होता है कि पहले कोई नशीला पदार्थ खिलाकर इन बंदरों को पकड़कर बोरी-कट्टों में भरा हो, फिर मरने के बाद शवों को यहां फेंका गया हो। कारण जो भी हो पुलिस और वन्य विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच करनी चाहिए।
सूचना मिली, शिकायत नहीं : इंचार्ज
सुबह दरियापुर के सरपंच ने फोन पर मृत बंदरों के बारे में सूचना दी थी। पुलिस मौके पर गई थी। इस मामले में किसी ने लिखित में शिकायत नहीं दी है।
जांच की जा रही है : इंस्पेक्टर
दरियापुर गांव में बंदरों के शव पाए जाने की सूचना उन्हें मिली है। सोमवार को घटनास्थल पर जाकर जांच करेंगे। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-जयभगवान, इंस्पेक्टर, वन्य जीव विभाग झज्जर