दशहरा आज: नप के बैक साइड में होगा रावण दहन
चरखी दादरी/बौंदकलां। शहीद दलबीर सिंह राजकीय विद्यालय की बजाय इस बार नगर परिषद के पिछली तरफ खाली पड़ी जगह पर रावण दहन किया जाएगा। इसका कारण स्कूल मैदान में जमा बारिश के पाने की 25 दिन बाद भी निकासी नहीं हो पाना है। 15 सालों से स्कूल परिसर में ही लगातार रावण दहन हो रहा था। गत 22 से 24 सितंबर को हुई बारिश से जमा पानी की अब तक प्रशासन निकासी नहीं करवा पाया है। शाम करीब पांच बजे रावण दहन होगा और इसकी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। वहीं, बौंदकलां में इस बार रामलीला ग्राउंड परिसर में ही रावण दहन होगा जबकि पिछली बार बाबा चांदूदास धाम मंदिर के मैदान में रावन दहन किया गया था। बाढड़ा में इस बार भी रावण दहन की शुरूआत नहीं हो पाएगी। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को दशहरा पर्व पर होने वाले आयोजनों को देखते हुए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
चरखी दादरी शहर में 1968 के बाद से ही श्री रामलीला कमेटी लगातार रामलीला कराती आ रही हैं। लीला का मंचन पुराना शहर स्थित रामलीला ग्राउंड में किया जाता है। इन 50 सालों में अब तक चार अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन हो चुका है। श्री रामलीला कमेटी प्रधान उमेद प्रजापत ने बताया कि 1968 में कीकरवासनी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के समीप रावण दहन की शुरूआत की गई थी। यहां लगातार 35 सालों तक रावण दहन किया गया। हालांकि इस दौरान1997 में फूल्लू जैन वाली क्यारी में एक बार रावण दहन किया गया। 2003 के बाद से ही शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल में रावण दहन किया जा रहा था। इस बार स्कूल ग्राउंड में जमा बारिश के पानी के चलते रावण दहन का स्थान बदलना पड़ा है। इस बार रावण दहन के लिए नगर परिषद के पिछली तरफ खाली पड़ी जगह का चयन किया गया है।
चरखी दादरी शहर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन आज शाम सवा पांच बजे किया जाएगा। रामलीला कमेटी ने चार पुतले (रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद और नानी ताड़का) तैयार कराए थे। इसमें ताड़का के पुतले का दहन हो चुका है। महाराष्ट्र और महेंद्रगढ़ के 22 कारीगरों की टीम ने चरखी दादरी पहुंचकर इन पुतलों को तैयार किया था। रामलीला कमेटी वरिष्ठ उप-प्रधान रिंपी फौगाट ने बताया कि इस बार रावण का पुतला 51 फुट का रहेगा जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 41-41 फुट के होंगे। वहीं, नानी ताड़खा का 31 फुट ऊंचा पुतले का दहन किया जा चुका है। इन चारों पुतलों को तैयार करने में करीब 17 दिन लगे हैं और इन पर करीब 71 हजार रुपये लागत आई है।
ये हैं रावण दहन से संबंधी जानकारी
- रावण का पुतला-51 फुट
- कुंभकर्ण का पुतला- 41 फुट
- मेघनाथ का पुतला- 41 फुट
- 17 दिन में महाराष्ट्र व महेंद्रगढ़ के कारीगरों ने तैयार किए चार पुतलें।
- शाम 5:15 पर नगर परिषद के पीछे होगा रावण दहन
- करीब 120 पुलिस कर्मी रहेंगें तैनात।
बौंदकलां में 45 फुट ऊंचे रावण का होगा दहन
पिछले साल बाबा चांदूदास मंदिर के मैदान परिसर में रावण दहन हुआ था लेकिन इस बार यहां भी स्थान बदला गया है। रामलीला कमेटी इस बार जहारवीर गोगापीर धाम के मैदान में इस बार रावण दहन करेगी। यहां केवल रावण के पुतले का दहन होगा और इसकी ऊंचाई करीब 45 फुट होगी। इस पुतले को तैयार कराने में करीब 60 हजार रुपये लागत आई है और ये पुतला रोहतक के कारीगरों से तैयार कराया गया है। बौंदकलां में शाम पांच बजे रावण दहन होगा।