चरखी दादरी। विभिन्न मांगों के लिए प्रदेशभर से विभिन्न शहरों के नगर निगम, परिषद और पालिका कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। चरखी दादरी नगर परिषद की बात करें तो पहले दिन हड़ताल पूर्णतया विफल रही। नप अधिकारियों की मानें तो महज दस कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। ऐसे में शहर से कूड़े का उठान आमदिन की भांति ही हुआ और लोगों की परेशानियां बढ़ी नहीं। चरखी दादरी नगर परिषद में इस समय करीब 190 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इनमें पक्के, डीसी रेट और आऊटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारी शामिल हैं।
निकाय कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल चरखी दादरी शहर में पहले दिन फ्लॉप रही। सूत्रों की मानें तो सुबह निर्धारित समय पर ही कर्मचारी काम पर पहुंच गए थें और वहां उनकी बाकयदा हाजिरी लगाई गई। इसके बाद ये अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सफाई करने चले गए। नप सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने कुछ देर बाद अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी। बता दें कि चरखी दादरी में करीब 59 पक्के कर्मचारी हैं जबकि 131 डीसी रेट और एजेंसी की मार्फत लगे हुए हैं। शहर की सफाई का दारोमदार इन्हीं के कंधों पर है। कुछ दिन पहले कांट्रेक्ट पूरा होने के चलते करीब 50 कर्मचारियों की छुट्टी हो गई थी और कुछ दिन तक शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी नजर आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने इनकी पुन: नियुक्ति को मंजूरी दे दी।
सफाई निरीक्षक विजय शर्मा ने बताया कि बुधवार को भी रूटिन की तरह ही शहर से करीब 20 टन कचरे का उठान हुआ है। यह कचरा डस्टबिनों सहित करीब 100 डंपिंग प्वाइंटों से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नप के 98 फीसदी कर्मचारी काम पर हैं और दो फीसदी कर्मचारी ही हड़ताल में शामिल हुए हैं और उनकी वजह से शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।