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24 घंटों में 25 एमएम बरसात, गलियों में जलभराव से लोगों को झेलनी पड़ी दिक्कतें

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। जिले के विभिन्न भागों में शुक्रवार को रुक -रुककर बारिश हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान चरखी दादरी में 25 एमएम और बाढड़ा उपमंडल में 44 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश से जलभराव होने पर लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीवरेज व्यवस्था ठप होने से गलियों सहित नगर परिषद व बस स्टैंड परिसर में जलभराव हो गया। वहीं, शहर की मुख्य सड़कों से तो शुक्रवार शाम तक पानी की निकासी नहीं हो पाई थी। बारिश से खरीफ की फसलों में काफी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
शुक्रवार को जिले के विभिन्न भागों में बारिश हुई। बारिश रिकॉर्डर धर्मबीर सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान चरखी दादरी में 25 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक 14 एमएम हुई। आठ बजे के बाद दो एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी प्रकार जिले के उपमंडल बाढड़ा में पिछले 24 घंटों में सुबह आठ बजे तक 44 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
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बारिश की वजह से शहर में जलभराव होने पर लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। शहर के नगर परिषद कार्यालय, रोडवेज कार्यशाला परिसर, रोहतक चौक के समीप एरिया, मेन बाजार, दिल्ली रोड, घिकाड़ा रोड एसपी निवास के समीप, तिकोना पार्क सहित कई भागों में बरसाती पानी का जमाव हो गया। वैसे भी बारिश की झड़ी के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। सुबह बारिश के समय स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश की वजह से शुक्रवार को अधिकतर स्कूलों में बच्चों की दैनिक उपस्थिति आम दिनों की अपेक्षा 40 प्रतिशत कम रही। सड़कों पर जलभराव होने पर पैदल जाने वाले बच्चों को खासी दिक्कतें हुईं।
पंप सेट के जरिए घंटों बाद उतरता है पानी
शहर के विभिन्न भागों में जनस्वास्थ्य विभाग ने पंप सेट एवं मोटरें लगाई हैं जिनके जरिए पानी की निकासी की जा रही है। ढाणी फाटक, तिकोना पार्क, घिकाड़ा रोड पर पंप सिस्टम के जरिए पानी की निकासी की जा रही है। बारिश से बरसाती नाले ओवरफ्लो होने पर ज्यादा परेशानी बढ़ जाती है। इससे पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। सीवरेज व्यवस्था भी चरमरा जाती है। विभाग के पंप सेट लगाने के बावजूद बरसाती पानी की निकासी कई घंटों बाद हो पाती है।
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खेती के लिए फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खेती के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद है। खरीफ की फसल कपास, बाजरा, ग्वार, ज्वार व धान की फसलों में इस बारिश से काफी फायदा पहुंचने की उम्मीद है। गांव महराणा निवासी किसान शमशेर सिंह का कहना है कि बारिश से खरीफ की फसलों में बहुत फायदा पहुंच रहा है।
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