अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर/बहादुरगढ़।
अप्रैल के शुरू होते ही गेहूं की फसल पककर मंडी में आनी शुरू हो जाती है। इस बार प्रशासन की ओर से खरीद का समय दो अप्रैल रखा गया था। सीजन के चलते मंडी में फसल की आवक पूरे जोरों पर है। हालांकि जिले भर की मंडियों में 1363 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। इसमें से 990 मीट्रिक टन गेहूं एजेंसियों द्वारा खरीद गया।
मंडी में गेहूं की बोरियों का उठान न होने के कारण अनाज मंडी पूरी तरह से बोरियों से अट गई है। इसके चलते किसानों व आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बोरियों का उठान साथ के साथ करना चाहिए।
किसानों के द्वारा मेहनत करके तैयार किया गया पीला सोना खरीदने के लिए हैफेड एजेंसी व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं की खरीद का कार्य किया जा रहा है। वहीं, खरीदी गई फसल के उठान सही प्रकार से न होने के कारण किसानों व व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले की मंडियों में 1363 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा है और उसमें से 990 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। व्यापारियों का कहना है कि उनके पास रोजाना दर्जनों किसान अपनी गेहूं की फसल को लेकर आ रहे हैं, लेकिन सही उठान न होने के कारण उनके किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। पहले दिन बहादुरगढ़ की मंडी में 1980 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। जबकि दूसरे दिन करीब 4780 क्विंटल गेहूं सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है। अनाज मंडी गेहूं की बोरियों से पूरी तरह अट गई है।
यह रही जिले की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद की स्थिति
मंडी आवक खरीद
बहादुरगढ़ 478 मीट्रिक टन 478
बेरी 45 मीट्रिक टन 0
छारा 20 मीट्रिक टन 0
ढाकला 150 मीट्रिक टन 0
झज्जर 500 मीट्रिक टन 456
माजरा डी 70 मीट्रिक टन 0
मातनहेल 100 56
कुल आवक - 1363 मीट्रिक टन
कुल खरीद - 990 मीट्रिक टन