अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
घड़ी की सूई वीरवार सुबह 10 पर पहुंचते ही ओमैक्स सिटी व एचपीसीएल प्लांट में अचानक सायरन बजा और भगदड़ मच गई। ओमैक्स सिटी में तो रिहायशी क्षेत्र है इसलिए यहां पर लोगों की चीख-चीत्कार भी शुरू हो गई। कहीं मलबा पड़ा था तो कहीं पर लोग फंसे हुए थे। कोई बेहोश हो चुका था तो कोई घायल होकर चीख-पुकार कर रहा था। लोगों की चीख-पुकार सुनकर तुरंत राहतकर्मी बचाव कार्य के लिए जुट गए। हर कोई लोगों को बाहर निकालकर उन्हें स्ट्रेचर पर लादकर प्राथमिक सहायता देने में लग गया। यह दृश्य कोई सत्य घटना का नहीं था बल्कि ओमैक्स सिटी व एचपीसीएल प्लांट में प्रशासन की ओर से भूकंप की स्थिति को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया था। उपमंडल स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल एसडीएम जगनिवास व डीएसपी भगतराम के नेतृत्व में हुई।
ओमैक्स हैप्पी होम और एचपीसीएल गैस प्लांट में हुई मॉक ड्रिल
आपदा प्रबंधन के तहत वीरवार की सुबह एसडीएम जगनिवास व डीएसपी भगतराम टास्क फोर्स पांच और छह के साथ सेक्टर-6 के सामुदायिक केंद्र परिसर में बनाए गए स्टेगिंग एरिया में पहुंचे। सुबह 10 बजे आपदा प्रबंधन की दिशा में आमजन को जागरूक करने के लिए सायरन बजा और उसके बाद वायरलेस पर ओमैक्स सिटी परिसर तथा एचपीसीएल गैस प्लांट में आपदा की स्थिति उत्पन्न होने की सूचना मिली। एसडीएम के नेतृत्व में टीमों को दोनों मॉक ड्रिल स्थलों के लिए रवाना किया। ओमैक्स सिटी परिसर में पहुंचकर राहत टीम द्वारा मौके पर मौजूद लोगों से संपर्क साधा और आपदा की स्थिति में फंसे लोगों को घरों से बाहर सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी क्रम में एचपीसीएल गैस प्लांट में भी राहत टीमों द्वारा कार्रवाई अमल में लाई गई। राहत टीमों द्वारा दोनों स्थानों पर पूरी गंभीरता से कार्य करते हुए आपदा से प्रभावित लोगों को मेडिकल सेवा प्रदान की और उन्हें ट्रामा सेंटर भिजवाया। मेगा मॉक ड्रिल में प्रशासन के साथ ही सामाजिक संगठनों का भी विशेष सहयोग रहा।
सड़क सुरक्षा संगठन के सचिव सुधीर भारद्वाज, सह सचिव रविंद्र सैनी, सलाहकार सतीश शर्मा, इंद्र नाथ चुघ, प्रवीण शर्मा, मुकेश पांचाल, रवि पंवार, प्रिंस, डॉ. मुकेश शर्मा सहित अन्य सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा। आपदा की स्थिति में सभी ने एकजुट होकर एक टीम वर्क के रूप में कार्य करते हुए जान माल की सुरक्षा के प्रति सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया।