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यूरिया खाद को लेकर किसानों ने किया हंगामा, कुछ देर के लिए कानोंदा में लगा जाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को गांव कानोंदा की सहकारी समिति में यूरिया खाद न मिलने पर जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं गुस्साए किसानों ने कुछ देर रोड जाम भी कर दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद थाना सदर पुलिस व कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में यूरिया खाद बांटना शुरू किया गया। किसानों का आरोप है कि एक आधार कार्ड पर एक किसान को केवल पांच बैग यूरिया दिया जा रहा है। समय पर फसल में यूरिया खाद न डालने के कारण नुकसान हो रहा है।
इन दिनों यूरिया खाद की काफी किल्लत चल रही है। इससे किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की फसल में फुटाव और बढ़वार के लिए यूरिया खाद की जरूरत होती है। लेकिन किसानों की मांग के हिसाब से यूरिया की सप्लाई आधे से भी कम है। अब तक कानोंदा गांव में भी काफी कम मात्रा में यूरिया खाद पहुंचा है।
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कौन-कौन अधिकारी पहुंचे
किसानों द्वारा जाम लगाने व हंगामा करने की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन व कृषि विभाग के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। इनमें तहसीलदार जयभगवान, कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कौशिक व थाना सदर पुलिस टीम शामिल रही। अधिकारियों ने किसानों को समझाया बुझाया और शांत कराया। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में किसानों को खाद दिया गया।
जरूरत के हिसाब से मिल रहा कम खाद
किसानों के अनुसार एक आधार कार्ड पर सिर्फ पांच बैग यूरिया दिया जा रहा है। जबकि किसानों को जरूरत इससे कहीं ज्यादा है। किसान सतेंद्र, कृष्ण कुमार, रामफल का कहना है कि पीओएस मशीन में सर्वर डाउन होने के कारण भी खाद की बिक्री नहीं हो पाती है। अगर खाद नहीं मिला तो फसल खराब हो जाएगी।
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क्या कहते हैं एसडीओ
कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कौशिक ने बताया कि खाद की समस्या नहीं है। किसानों को जरूरत के हिसाब से ही यूरिया खाद दिया जा रहा है। रोजाना खाद की आवक हो रही है, इसलिए किसान अपनी जरूरत के हिसाब से कभी भी आकर यूरिया खाद ले सकता है।
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