अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पानी का बिल न भरने एवं अवैध कनेक्शन वाले उद्यमियों पर बीते दिनों सख्त तेवर दिखाने वाले हुडा प्रशासन का जोश अब ठंडा पड़ गया है। पांच बार नोटिस देने एवं कार्यवाही की तिथि निर्धारित करने के बाद भी पानी की चोरी करने वाले उद्योगपतियों के कनेक्शन नहीं काटे जा सके हैं।
दरअसल, आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के दोनों भागों में करीब चार हजार प्लाट हैं। हुडा के मुताबिक, इनमें से 760 कनेक्शन वैध हैं। इन वैध कनेक्शन धारकों में से 80 कनेक्शन धारक पिछले करीब तीन साल से पानी का बिल नहीं भर रहे। 50 हजार से एक लाख रुपये तक का बिल पेंडिंग है। इनको नोटिस दिए गए, मगर किसी ने बिल भरने में दिलचस्पी नहीं ली। अब तक पांच बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब तीन साल में बकाया बिल 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है। हैरानी की बात है कि करीब चार हजार प्लाट वाले औद्योगिक क्षेत्र में केवल 760 कनेक्शन ही वैध हैं। एक अधिकारी की मानें तो वैध कनेक्शन से दो गुणा से अधिक कनेक्शन अवैध तरीके से चल रहे हैं। यानी उद्यमी गैरकानूनी ढंग से पानी की चोरी कर रहे हैं।
14 सितंबर से काटे जाने थे कनेक्शन
पांच बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी उद्यमियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो हुडा ने बकाया न जमा करने वालों और अवैध कनेक्शन काटने का मन बनाया। 14 सितंबर से यह कार्रवाई शुरू होनी थी। मगर सप्ताहभर बाद तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई। इसके बाद पता लगा कि जिस अधिकारी की देखरेख में यह कार्रवाई शुरू होनी थी, वे बीमार हैं। इसे हुडा की ढिलाई कहें या फिर उद्यमियों का दबाव, मगर एक महीने के बाद भी कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है।
अधिकारी बोले
हुडा के कार्यकारी अभियंता केके श्योकंद ने कहा कि जिस अधिकारी को जिम्मेवारी सौंपी गई, वह बीमार हो गया था। जिस कारण काम में थोड़ी देरी हो गई। अब वीरवार या शुक्रवार से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। बकाया भरने के बाद भी कनेक्शन पुन: चालू किया जाएगा। इसके अलावा जो लोग गलत तरीके से पानी ले रहे हैं, वे भी अपने कनेक्शन वैध करा लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।