रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर : बसों का पहिया थमा
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सरकार की प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी के विरोध में चरखी दादरी रोडवेज डिपो में आज दिनभर बसों का पहिया थमा रहेगा। निजी परमिटों को रद्द करने की मांग को लेकर रोडवेज कर्मचारी सोमवार रात 12 से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल में रोडवेज की सभी आठ यूनियनें शामिल हुई हैं। कर्मचारी यूनियनों ने रात 12 बजे से रोडवेज का चक्का जाम का ऐलान कर दिया है। 24 घंटे बसों का पहिया थमने पर सरकारी राजस्व में करीब 10 लाख का नुकसान होने का अनुमान है।
निजी बस परमिट पॉलिसी के विरोध में एक बार फिर रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल के लिए कमर कस ली है। सरकार व रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के बीच पिछले कुछ दिनो से लगातार गतिरोध चला आ रहा था। रोडवेज यूनियन व सरकार के बीच कई बार आपसी स्तर की बातचीत भी हुई लेकिन यह बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाने पर अब रोडवेज कर्मचारियों ने सोमवार रात 12 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान कर दिया है। हड़ताल को सफल बनाए जाने को लेकर रोडवेज की सभी आठ यूनियनों के नेता सरकार के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। 24 घंटे के इस चक्का जाम को लेकर अब पुलिस व प्रशासन भी हरकत में आ गया है। चरखी दादरी डिपो में करीब 170 बसें हैं। इन बसों का चक्का जाम होने पर यात्रियों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने भी इस हड़ताल को विफल करने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि आम लोगों को यातायात में असुविधा न झेलनी पड़े।
बाक्स= 24 घंटे में होगा करीब 10 लाख के राजस्व का नुकसान
डिपो में इस समय करीब 600 कर्मचारी हैं। डिपो इंटक प्रधान राजेश रावलधी ने बताया कि डिपो में करीब 170 बसें हैं। यह बसें बंद होने पर 24 घंटे में करीब 10 लाख के सरकारी राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि यह हड़ताल रोडवेज की प्रदेश तालमेल कमेटी के आहवान पर होगी। इस हड़ताल में रोडवेज की सभी आठ यूनियनों के कर्मचारी शामिल होंगे। चरखी दादरी डिपो के करीब 600 कर्मचारी सोमवार रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल के दौरान डिपो में रोष प्रदर्शन जारी रहेगा।
फोटो 27
चरखी दादरी रोडवेज डिपो के बेड़े में खड़ी बसें।