अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिगृहीत जमीन का थ्री-जी अवार्ड रद्द करवाने की मांग के लिए धरने पर बैठे किसानों का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों ने नारेबाजी के साथ अपना रोष प्रकट किया। अब किसानों की निगाहें पांच अप्रैल को होने वाली एनएचएआई चीफ सेक्रेटरी की बैठक पर टिकी हुई है। किसानों का कहना है कि चीफ सेक्रेटरी अधिकारियों से समस्याओं पर मंथन करेंगे और इस दौरान 17 गांवों के किसानों की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग भी उनके सामने रखी जाएगी।
किसान सेवा संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि किसानों का गत 26 फरवरी से धरना जारी है। किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। उनकी सात सूत्री मांगों पर सरकार को अमल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस एनएच में जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन आएगी। ऐसे में सरकार को इन किसानों को प्रति एकड़ दो करोड़ मुआवजा देना चाहिए। मौजूदा थ्री जी अवार्ड को रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में तो यह एनएच बनने के बाद किसानों के पास खेती करने के लिए जमीन ही नहीं बचेगी ऐसे में उन किसानों के समक्ष आजीविका का संकट गहराया जाना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि बैठक में किसानों की सभी मांगें मान ली जाएंगी।