अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। शहीद परिवारों की मांगें देश और प्रदेश की सत्ता संभालने वाली सरकारों के सामने कई दफा रखी जा चुकी हैं लेकिन अब तक नतीजा सिफर है। मौजूदा बीजेपी सरकार एक तरफ सैनिक हितैषी होने का दम भर रही है तो वहीं दूसरी ओर शहीद परिवारों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यह बात प्रेस को जारी बयान में शहीदों की आवाज कल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सांगवान ने कही।
उन्होंने बताया कि इस विषय में छह वर्ष से संगठन द्वारा कांग्रेस, बीजेपी व सभी प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों से लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तक ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन नतीजा वहीं ढाक के तीन पात वाला है। ऐसी स्थिति में हमारे देश के राजनेता व राजनैतिक पार्टियां किस मुंह से शहीदों के सम्मान की बात कर रहे हैं। विजय सांगवान ने कहा कि जब भी संगठन की मांगों के विषय में किसी भी पार्टी के जन प्रतिनिधित्व व राजनेता से बात की जाती है तो एक ही जवाब मिलता है कि हां ऐसा होना चाहिए, परंतु कोई सहयोग करने व सदन में आवाज उठाने को तैयार नहीं है। केंद्र और प्रदेश सरकारें या तो अविलंब शहीद परिवारों की मांगों को मानकर उनके अधिकारों की रक्षा करें नहीं तो वे अपने अधिकार के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।