झज्जर। उत्तर प्रदेश के बार्डर से राजस्थान बार्डर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 334 बी के लिए फेज वन के लिए छारा गांव की अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के अवार्ड से पहले रिकार्ड तैयार करना शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय की तरफ से नेशनल हाईवे अथॉरिटी से करीब 34 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। विभाग के पास राशि आने के बाद किसानों को अवार्ड सुनाया जाएगा। इससे पहले भी झज्जर जिला में लगने वाले चार गांवों की भूमि का अक्तूबर में अवार्ड घोषित किया गया था। इसके लिए झज्जर जिला की करीब 56 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से करीब 118 करोड़ रुपये की राशि जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए थे। अधिग्रहण की गई इस भूमि का किसानों को मुआवजा भी वितरित किया जा चुका हैै। नेशनल हाईवे के लिए अब छारा गांव की 83 एकड़ भूमि का भी अधिग्रहण किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण के बाद नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-चार साल पूर्व हुई थी घोषणा
करीब चार साल पहले केंद्र की तरफ से उत्तर प्रदेश की सीमा से राजस्थान की सीमा को जोडने वाले सोनीपत, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी जिलों से होकर गुजरने वाले मार्ग को नेशनल हाईवे 334 बी घोषित किया था। इसके बाद सरकार ने इस मार्ग को लेकर एक निजी एजेंसी से सर्वे भी करवाया था। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से आगामी प्रक्रिया शुरू की गई थी। करीब 200 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण दो फेज में किया जा रहा है।
-दो फेेज में बनेगा फोरलेन
फेज वन यूपी बार्डर से झज्जर तक और फेज टू झज्जर से लोहारू के पास राजस्थान बार्डर तक है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से फिलहाल उत्तर प्रदेश बार्डर से लेकर झज्जर तक के हिस्से को फोर लेन बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई बढ़ाने के लिए सड़क के साथ की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जबकि झज्जर से आगे सड़क दो लेन की होगी और इसकी चौड़ाई दस मीटर होगी।
वर्जन
नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से करीब 34 करोड़ रुपये की राशि मांगी गई है। राशि जमा करवाने के बाद अवार्ड घोषित कर दिया जाएगा।
- मनबीर सांगवान, डीआरओ, झज्जर।