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जिस कारण मैच ओलंपिक में मैच गंवाना पड़ा उसे पहले ही राउंड में पछाड़ा पहलवान विनेश फौगाट ने

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। 2016 ओलंपिक में चीन की जिस खिलाड़ी के कारण मैच खेलते हुए चोट लगने से अपना मैच गंवाना पड़ा था, उसी को एशियन गेम में पछाड़कर विनेश ने गोल्ड पर कब्जा कर लिया है। गोल्ड जीतने पर गांव में खुशी का माहौल है।
जिले के गांव बलाली निवासी पहलवान विनेश फौगाट के मैच को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्सुकता बनी हुई थी। मैच शुरू हुआ तो बलाली की महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। विनेश का पहला मैच चीन की खिलाड़ी सुनियान के साथ हुआ। 2016 ओलंपिक खेलों के दौरान सुनियान के साथ खेलते हुए ही विनेश को चोटें आई थी उसके बाद विनेश को अपना मैच गंवाना पड़ा था। विनेश के मैच गंवाने पर जिलेवासियों को उस समय गहरा धक्का लगा था स्वयं विनेश का भी पश्चाताप कम नहीं हो पा रहा था। चोट लगने के बाद करीब एक साल तक विनेश बेड पर रही।
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ओलंपिक में भिड़ी चीन की सुनियान को दी मात
सोमवार को हुए पहले राउंड मैच में विनेश नेे चीन की सुनियान को 8-2 के अंतर से मात दी। सुनियान को हराने के बाद विनेश की मां प्रेमलता और बहन प्रियंका को वेे क्षण याद आ गए जब 2016 ओलंपिक खेेलों में सुनियान के साथ खेलते हुए विनेश चोटिल होकर प्रतियोगिता से ही बाहर हो गई थी। अब सोमवार को एशिया गेम में चीन की सुनियान को पटकनी देनेे विनेश की मां और बहन के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। विनेश फौगाट का दूसरा मैच कोरिया की पहलवान के साथ हुआ। जिसमेें विनेश ने एकतरफा मुकाबले में 11-0 के अंतर से कोरियाई खिलाड़ी को पछाड़ा। विनेश फौगाट का तीसरा मुकाबला उज्बेकिस्तान की पहलवान के साथ हुआ, जिसमें विनेश ने उज्बेकिस्तान की पहलवान को 10-0 के अंतर से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में विनेश का मुकाबला जापान की पहलवान के साथ हुआ जिसमें विनेश विजयी रही तथा देश के लिए गोल्ड मेडल जीता।
डॉक्टरों ने दे दी थी गेम छोड़ने की सलाह
एक समय ऐसा भी था जब चिकित्सकों ने विनेश को कुश्ती गेम छोड़ने की हिदायत दे दी थी। उसके बावजूद चरखी दादरी की बेटी विनेश ने हिम्मत नहीं हारी और हर दिन पांच से छह घंटे कड़ा अभ्यास कर जबरदस्त वापसी की। 2016 ओलंपिक फ्री स्टाइल कुश्ती में 48 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में विनेश चीन की पहलवान सुनियान के साथ भिड़ते हुए चोटिल हो गई थी। चोट से उबरने के बाद विनेश ने दो रजत पदक जीते हैं।
2014 कॉमनवेल्ट गेेम में विनेश ने गोल्ड मेडल जीता था। इसी प्रकार 2014 में ही एशियन गेम में उसे ब्रांज पदक मिला। 2018 में कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीता। 2013 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता।
बहनों की मदद से की मैट पर वापसी
पहलवान विनेश फौगाट जब 2016 ओलंपिक खेलों मे चोटिल हो गई थी तो एक साल बाद उसने कुश्ती मैट पर वापसी की। इसके पीछे उसकी बहन गीता फौगाट, बबीता फौगाट, रितू, प्रियंका और संगीता की विशेष भूमिका रही। कर्नाटक के विजय नगर में यह छह बहनें वहां कुश्ती हॉल में रहने लगीं। पांचों बहनों ने मिलकर प्रयास करते हुए चोटिल विनेश को कुश्ती के मैट पर वापसी करवाई।

सोमवार को हुए मैच में विनेश को काउंटर अटैल ने जीत दिलवाई
विनेश के कोच एवं द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फौगाट ने बताया कि विनेश ने सोमवार के मैच के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया है। उसने काउंटर अटैक को अपना प्रमुख दांव बनाया। विनेश के प्रिय दांव दोहरी पट्टी से पछाड़ना यानी विरोधी पहलवान को बाजुओं में पकड़कर सिर लगाकर पटकनी देना और दूसरा दांव बगलडूब है। इन तीनों दांव को विनेश अक्सर इस्तेमाल में लाती है।
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गांव में रहा खुशी का माहौल
विनेश के पदक जीतने पर गांव में खुशी का माहौल बना रहा। गांव बलाली सरपंच अमित ने बताया कि विनेश इस आने वाले ओलंपिक खेलों में देश के लिए सोना जीतेगी। विनेश के भाई हरेंद्र ने बताया कि विनेश अब आने वाले अक्तूबर में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयारी करेगी। यह भी बड़ी प्रतियोगिता होगी। विनेश की मां प्रेमलता, बहन प्रियंका व अन्य परिजन टीवी के चिपके रहे। जैसे ही प्वाइंट मिलता मां प्रेमलता खुशी से झूम उठतीं। सरपंच अमित, हरेंद्र, कन्नी 13 प्रधान सूरजभान, वजीर सिंह, धोलिया, दुष्यंत, बलजीत, भूप सिंह ने विनेश की जीत पर उसे बधाई दी है।



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