240 ने अपनाई जिग-जैग तकनीक, 135 भट्ठे हो सकते हैं बंद
- खाद्य आपूर्ति विभाग ने भेजा भट्ठा एसोसिएशन को नोटिस
- मानसून के सीजन में बंद हुए भट्ठे तो अब आसमान छूने लगे ईंटों के रेट
मुकेश शर्मा
झज्जर। बिना जिग-जैग वाले ईंट भट्ठे अब नहीं चल पाएंगे। ईंट भट्ठा संचालकों को अगले सीजन से पहले जिग-जैग सिस्टम लगाना होगा। इस बार सरकार ने तीन माह के लिए सामान्य ईंट भट्ठों चलाने के लिए उन भट्ठा संचालकों को अनुमति दी थी, जिन्होंने अगले सीजन तक जिग-जैग सिस्टम अपनाने के लिए शपथ पत्र दिया था। इसका असर भी ईंटों के भाव पर दिखाई दे रहा है। वहीं 30 जून को सामान्य ईंट भट्ठे भी बंद हो गए हैं। क्योंकि सरकार ने सामान्य ईंट भट्ठों को चलाने के लिए 30 जून तक का समय दिया था। वहीं मानसून के सीजन में ईंटों की पथाई का कार्य बंद हो गया है। लेबर अपने घरों को वापस लौट रही है। इसके साथ ही ईंटों के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। अब लोगों के लिए अपना आशियाना बनाना और मंहगा हो गया है। मध्य जून तक 4500 से 4600 रुपये प्रति हजार मिलने वाली ईंटों के भाव में करीब एक हजार रुपये तक का इजाफा हो गया है। एक बार वर्षा होते ही ईंटों के भाव में 200 से 500 रुपये तक का उछाल आ रहा है।
जिले में 375 ईंट भट्ठे हैं
प्रदेश में सबसे अधिक ईंट भट्ठे झज्जर जिले में हैं। यहां पर 375 ईंट भट्ठे हैं। इनमें से 240 भट्ठा संचालकों ने अपने ईंट भट्ठों में जिग-जैग तकनीक अपना लिया है। वहीं 135 भट्ठे ऐसे हैं, जिन्होंने आज तक अपने ईंट भट्ठा जिग-जैग सिस्टम में तब्दील नहीं किया है। ऐसे ईंट भट्ठा न चलाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से ईंट भट्ठा एसोसिएशन को नोटिस जारी कर दिया है। ताकि एसोसिएशन के माध्यम से सभी भट्ठा संचालकों तक संदेश पहुंच सके।
30 जून को सामान्य ईंट भट्ठे भी बंद हो गए हैं। सामान्य ईंट भट्ठे न चलाने के लिए विभाग ने ईंट भट्ठा एसोसिएशन को नोटिस जारी कर दिया है। अगर कोई भी ईंट भट्ठा बिना जिग-जैग सिस्टम के चलाया तो भट्ठा संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अशोक कुमार, डीएफएससी, झज्जर।