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फैक्ट्रियों से निकला वेस्टेज खुले में डालकर किया जा रहा है आग के हवाले

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों से निकले वेस्टेज को आग के हवाले किया जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण तो होता ही है साथ ही आसपास के लोगों को बीमारी फैलने का खतरा भी सता रहा है। फैक्टरी मालिक सरेआम एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित एमआइई के पार्ट-बी में फैक्टरी नंबर 2316 के नजदीक खुले में वेस्टेज डाला जा रहा है। इसके बाद उसे आग के हवाले किया जाता है। उसमें से काफी देर तक धुआं उठता रहता है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि फैक्टरी मालिक सरेआम एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रदूषण विभाग इस तरफ से पूरी तरह आंखे मूंदे हुए है। एमआइई में एक तो सैकड़ों फैक्ट्रियां हैं और ऊपर से खुले में जलाए जा रहे वेस्ट से प्रदूषण की मात्रा और अधिक हो रही है। फैक्ट्रियों से निकली रबड़, खराब केमिकल व अन्य वेस्टेज को फैक्ट्री मालिकों की ओर से पहले तो ड्रेन के नजदीक डाला जाता है। उसके बाद इसे आग के हवाले कर दिया जाता है।
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प्रदूषण विभाग नहीं करता कोई कार्रवाई
बहादुरगढ़ में करीब दो हजार फैक्ट्रियां हैं और एकाध को छोड़कर अधिकतर फैक्ट्रियां प्रदूषण फैलाती हैं। न तो इस तरफ प्रशासन कोई कार्रवाई करता है और न ही प्रदूषण विभाग। ऐसे में फैक्ट्री संचालकों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। आए दिन प्रदूषण का स्तर भी काफी बढ़ता जा रहा है।

क्यों नहीं होती कार्रवाई
आखिरकार यह सवाल सभी के मन में एक चुभन पैदा करता है कि प्रदूषण फैलाने वाले फैक्टरी संचालकों के खिलाफ प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने के पीछे फैक्टरी मालिकों के साथ सांठ-गांठ की बू आती है।
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प्रदूषण विभाग के जेई रविंद्र कुमार से सीधी बात

सवाल : विभाग के अधिकारी क्यों नहीं करते प्रदूषण फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई?
जवाब : शिकायत के बाद ही कार्रवाई होती है। लेकिन शिकायत कोई नहीं करता।
सवाल : एमआइई में खुले में जलाया जा रहा है, फैक्ट्रियों से निकला वेस्टेज?
जवाब : खुले में वेस्टेज फेंकने व जलाने वालों की पहचान की जाएगी। इसके बाद सख्त कार्रवाई करेंगे।
सवाल : फैक्ट्रियों की चिमनी से भी निकलता धुआं?
जवाब : फैक्ट्रियों में प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उन्हें पहले शिकायत मिलनी चाहिए। इसके बाद पंचकुला हेड आफिस से स्वीकृति लेनी होती है। इसके बाद ही कार्रवाई के लिए फैक्टरी में टीम जाती है।
सवाल : उद्यमी एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जवाब : जो फैक्टरी एनजीटी के आदेशों को नहीं मानती है उसके खिलाफ कार्रवाई होती है।

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