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5 साल पूर्व में आई थी एक्सरे मशीन, टेक्निशियन के अभाव में नहीं हुई चालू

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
पशुपालन विभाग के मंत्री ओपी धनखड़ के गृह जिले में पशुपालन विभाग के द्वारा साढे़ 12 लाख रुपये की कीमत से खरीदी गई एक्स-रे मशीन टीन के शेड के नीचे धूल फांक रही है। एक्स-रे मशीन चालू नहीं होने के कारण यहां के पशुपालकों को खामियाजा उठाना पड़ रहा है। पशुओं के एक्स-रे के लिए जिले भर में पांच साल पहले यही एक मात्र मशीन आई थी, जोकि आज तक बंद पड़ी है। ऐसे में खेती के साथ-साथ पशुपालन का व्यवसाय करने वाले किसानों के लिए बड़ी आफत हो जाती है, जब उनके पशु किसी वजह से बीमार पड़ जाते हैं और एक्स-रे कराने के लिए उन्हें पशुओं को हिसार लेकर जाना पड़ता है। साथ ही देखरेख के अभाव में मशीन भी कंडम हो रही है।

मंत्री भी जान चुके हैं समस्या
करीब दो साल पूर्व में पशुपालन मंत्रालय का प्रभार संभालने पर मंत्री ओपी धनखड़ यहां के कार्यालय का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें मशीन के बंद पड़े होने की जानकारी मिली थी। जिस पर मंत्री ने मशीन को चालू करवाने के लिए अधिकारियों को कहा था। उस दौरान मंत्री को अधिकारियों ने बताया था कि बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण मशीन बंद पड़ी है। जिस पर मंत्री ने मशीन को चालू करवाने के लिए कनेक्शन करवाने के आदेश दिए थे। लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं हो पाया। जबकि इसके अलावा भी मशीन चालू न होने के कारण हैं।
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वो तीन वजह, जिसके चलते बंद पड़ी है मशीन
- टेक्नीशियन का अभाव
पशुपालन विभाग के पास एक्स-रे के लिए रेडियोग्राफर नहीं है। जोकि एक्स-रे मशीन के बंद पड़े होने का मुख्य कारण है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह समस्या केवल यहीं पर नहीं बल्कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में बनी हुई है। प्रदेशभर में इसी प्रकार से एक्स-रे मशीन ठप पड़ी हैं।
- डार्क रूम पर बागवानी विभाग का कब्जा
एक्स-रे मशीन के लिए डार्क रूम की आवश्यकता होती है। डार्क रूम में जाकर ही एक्स-रे की फिल्म को तैयार किया जाता है। पशुपालन विभाग के लिए तैयार किए गए डार्क रूम में जिला बागवानी अधिकारी ने अपना कार्यालय बना लिया है। इसके चलते अब डार्क रूम की समस्या आ बनी हुई है।
- मशीन चलाने के लिए नहीं बिजली कनेक्शन
पशुपालन विभाग के द्वारा मशीन को चालू करने के लिए थ्री फेस का कनेक्शन लेना पड़ेेगा। विभागीय जानकारों की मानें तो मशीन 440 वोल्ट बिजल होने पर ही चालू होती है। विभाग ने एक बार कनेक्शन लिया भी था, लेकिन मशीन के बिना चालू हुए ही भारी भरकम बिल की वजह से विभाग ने कनेक्शन कटवा दिया था।

ये बोले पशुपालक
- पशुपालक दयानंद चांदपुर का कहना है कि एक्स-रे मशीन नहीं होने के कारण पशु को चोट लगने या दूसरी दिक्कत होने पर पशुुओं को लेकर हिसार जाना पड़ता है। इसमें वाहन चालक करीब पांच हजार रुपये किराया लेता है। जोकि बहुत महंगा पड़ता है।
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- रईया निवासी कुलदीप के अनुसार एक्स-रे मशीन की सुविधा होने के बावजूद पशुपालन विभाग छोटी-मोटी कमियां दूर करने में नाकाम साबित हो रहा है। पशुपालन मंत्री ओपी धनखड़ को मामले में सुध लेनी चाहिए। अगर उनके जिले में ही किसानों को दिक्कत आएगी तो बाकी जगह के किसानों का परेशान होना लाजिमी है।

वर्जन
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक मनीष डबास से सीधी बातचीत

सवाल : एक्सरे मशीन झज्जर में कितने साल पहले आई थी?
जवाब : करीब 5 साल हो गए।
सवाल : किस वजह से बंद पड़ी है?
जवाब : टेक्नीशियन न होने के कारण मशीन बंद है।
सवाल : क्या टेक्नीशियन के लिए कभी मुख्यालय या अधिकारियों को पत्र लिखा है?
जवाब : उन्होंने इस बारे में एक बार मुख्यालय को पत्र लिखा था।
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