अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
परिवहन समितियों की बसों को बूथों पर अधिक समय दिए जाने से नाराज रोडवेज कर्मियों ने शुक्रवार को चक्का जाम रखा। यूनियन नेताओं ने निजी समितियों की बसों को डिपो से बाहर निकाल दिया व रोडवेज बसों को कर्मशाला में खड़ा करवा दिया गया। वहीं कर्मचारी बस स्टैंड पर ही धरने पर बैठ गए व सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। टाईम टेबल विवाद को निपटाने के लिए रोडवेज यूनियनों के द्वारा 16 अगस्त को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। जब शुक्रवार 12 बजे तक अधिकारियों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक की। जिसमें चक्का जाम करने का फैसला लिया गया। चक्का जाम की घोषणा होते ही कर्मचारियों ने बसों को बूथों से हटाते हुए कर्मशाला में ले जाकर खड़ा कर दिया। कर्मचारियों के द्वारा चक्का जाम दोपहर 2 बजे तक जारी रखा गया।
यह है विवाद
कर्मियों का आरोप है कि झज्जर डिपो के टाइम टेबल में प्राईवेट बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाया गया है। आरटीए बहादुरगढ़ के द्वारा जारी किए गए टाइम टेबल पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए रोडवेज जीएम ने 20 जुलाई को आपत्ति लगाकर आरटीए बहादुरगढ़ को पत्र लिखा था। लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 11 अगस्त को पत्र क्रमांक 7304 के अनुसार दोबारा रिमाइंडर भेजा गया था। साथ ही सभी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद भी आरटीए की ओर से टाइम टेबल में कोई संशोधन नहीं किया गया।
यात्री रहे परेशान
रोडवेज कर्मियों के द्वारा अचानक की गई हड़ताल की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों को बूथों से हटाए जाने के कारण यात्रियों के पास अपने गंतव्य तक पहुंचाने का विकल्प ही खत्म हो गया। ग्रामीणों रूटों के लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी क्योंकि वहां परिवहन समितियों की बसें भी नहीं जाती।
समिति संचालकों ने कूटी चांदी
रोडवेज कर्मियों के द्वारा परिवहन समिति की बसों को डिपो से बाहर कर दिए जाने के बाद समिति संचालकों ने बस स्टैंड के गेट से ही अपनी बसों का संचालन जारी रखा। बस स्टैंड से बसें हटाए जाने पर यात्रियों को भी बाहर आकर परिवहन समितियों की बसों का ही सहारा लेना पड़ा। समितियों की बसों में चक्का जाम के दौरान काफी भीड़ रही।
ये बोले रोडवेज यूनियन नेता
हरियाणा राज्य परिवहन कर्मचारी संघ के राज्य सचिव प्रवीन डीघल ने बताया कि बहादुरगढ़ आरटीए द्वारा प्राईवेट बस ऑपरेटरों को रोडवेज बसों के टाइम टेबल दिए जाने के संबंध में झज्जर जिला उपायुक्त से भी दो बार बैठक के बाद भी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को यूनियन के पदाधिकारियों ने रोडवेज जीएम को दो दिन का समय दिया था कि टाइम टेबल ठीक किया जाए। लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी जब समाधान नहीं किया गया तो उन्होंने मजबूरन चक्का जाम किया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द टाइम टेबल संबंधी मीटिंग नहीं हुई तो पूरे प्रदेश के डिपो में बसें बंद कर दी जाएंगी। इस मौके पर प्रधान विजय माजरा, प्रधान रामबीर सिंह, सचिव - कृष्ण सिवाच, प्रधान कर्मबीर सहित अन्य भी मौजूद रहे।
वर्जन
कर्मचारियों के द्वारा दो घंटे का चक्का जाम रखा गया था। इस दौरान कोई खास नुकसान डिपो को नहीं हुआ है। टाइम टेबल में संशोधन के लिए आरटीए से बात चल रही है, उन्हें पत्र भी लिखा जा चुका है। उनका प्रयास है कि वे इसे जल्द ही संशोधित करवा लेंगे।
- लेखराम, जीएम, झज्जर डिपो।