अमर उजाला ब्यूरो
बादली।
पेयजल की सप्लाई का कारोबार इन दिनों काफी जोरों पर चल रहा हैं। पानी के इन कारोबारियों द्वारा सामान्य पानी में बर्फ मिला कर इसे आरओ व फिल्टर मिनरल वाटर का नाम देकर बेचा जा रहा हैं। भयंकर गर्मी के बीच क्षेत्र में फिल्टर वाटर के नाम पर दुकानदारों व आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा हैं। कस्बे में सप्लाई किया जा रहा यह फिल्टर वाटर किसी भी दृष्टिकोण से शुद्ध व फिल्टर नहीं हैं। कई प्लांट पर तो पेयजल के लिए टीडीएस मापक यंत्र तक नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के नाक तले हो रहे इस अवैध कारोबार से व्यापारियों के स्वास्थ्य के साथ तो खिलवाड़ हो ही रहा हैं वहीं फिल्टर वाटर का नाम लेकर उन्हें साधारण पानी ही दिया जा रहा हैं। इस एवज में उनसे 300 से 400 रुपये प्रतिमाह भी वसूलते हैं। कैंपरों द्वारा पानी की सप्लाई करने वाले लोगों के पास इस समय सांस लेने की फुर्सत भी नहीं हैं। इस व्यवसाय में कम लागत में ज्यादा मुनाफा होने की वजह से पानी का धंधा करने वालों की संख्या में भी इन दिनों बढ़ोतरी हो रही हैं। गर्मी के बढ़ जाने से ये लोग अपने रेट भी बढ़ा देते हैं। कस्बे में दुकानों व निजी कार्यालयों में पानी के कैंपर रखने का कार्य मात्र 5-6 वर्ष पूर्व ही शुरू हुआ था, उस समय एक टाटा गाड़ी में पानी की बड़ी टंकी रखकर उससे कथित रूप से ठंडा व स्वच्छ जल से पानी के कैंपर भरकर सप्लाई किए जाते थे। शादी-विवाह के अवसर पर मंगाए जाने वाले पानी के टैंकर चालक जहां पहले 100 से 300 रुपये प्रति टैंकर के वसूल करते थे, अब इस समय ये लोग 500 से 800 रुपये प्रति टैंकर वसूल कर रहे हैं। पानी की सप्लाई देने वाले ये व्यवसायी प्रतिदिन कस्बे व आसपास के लोगों को करीब 1000 से ज्यादा कैंपर सप्लाई कर रहे हैं। यहां पर एक रोचक तथ्य यह हैं कि अब तक किसी भी संबधित अधिकारी व पानी के कैंपर लेने वाले दुकानदारों द्वारा इस तरह के पानी की सप्लाई देने वाले लोगों के पानी की जांच कर पता नहीं किया गया हैं कि वो लोग जो पानी की सप्लाई कर रहें हैं कितना शुद्ध हैं। अगर संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पानी का सैंपल ले कर जांच की जाए तो वास्तविक सच्चाई सामने आ सकती हैं। कस्बावासियों ने स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से कस्बे में फिल्टर वाटर के नाम पर सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता की जांच करने की मांग की हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार का कहना है कि पेयजल पानी की शिकायतें मिल रही हैं। एक दो प्लांट का निरीक्षण भी किया गया जिन्हें अच्छा पानी सप्लाई करने की चेतावनी दी गई है।