आरक्षण आंदोलन के चंदे को लेकर प्रदेश भर में चल रही रार वीरवार को झज्जर में भी भड़क गई। जिसके चलते संघर्ष समिति के दो गुट बन गए हैं। मामला यह है कि 30 मई मंगलवार को राशलवाला चौक पर समिति के द्वारा नेशनल स्तर के कोचिंग स्थान के लिए 61 लाख रुपये का चंदा देने का ऐलान किया गया था। जिस पर समिति के एक गुट ने जाट धर्मशाला में उपप्रधान जगदीश गुलिया के नेतृत्व में बैठक कर ऐतराज जताया है।
बैठक में समिति के कैशियर कैप्टन जसबीर धनखड़ ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव पहले पास नहीं था। जिसके चलते यह चंदा नहीं दिया जा सकता। वहीं, दूसरे गुट ने जिला प्रधान जितेंद्र धनखड़ के नेतृत्व में राशलवाला चौक पर बैठक कर प्रस्ताव पास किया कि 61 लाख रुपये का चंदा रोहतक में खोले जाने वाले संस्थान के लिए दिया जाएगा।
31 में से 18 सदस्यों ने जताई नाराजगी
जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में 61 लाख चंदे की राशि को दूसरी संस्था को दिए जाने पर ऐतराज जताया गया। साथ ही समिति के सदस्यों ने समिति के कुछ पदाधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। बैठक में कोषाध्यक्ष कैप्टन जसवीर सिंह जाखड़, सह-कोषाध्यक्ष जयभगवान महराणा, महासचिव दिलबाग सिंह दलाल मांडोठी, सह सचिव धर्मपाल गहलावत, सहसचिव राज सिंह गुलिया लाडपुर, सलाहकार रामफल गुलिया, सलाहकार कुलदीप दरोगा सुरेहती, प्रकाश भदानी, परमजीत उर्फ काला, ब्रहमानंद आदि सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों ने कहा कि वे जिला और प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर हैं। झज्जर जिले की कार्यकारिणी में 31 सदस्यों में से 18 सदस्यों ने 61 लाख रुपए की राशि दूसरी संस्था को अन्य कामों के लिए दिए जाने पर नाराजगी जताई है।
अचानक कर दी घोषणा
समिति के सदस्यों का कहना है चंदा जाट आरक्षण के लिए 36 बिरादरी के लोगों द्वारा दिया गया था। लेकिन बिना जिला कार्यकारिणी की सहमती के बिना दूसरी संस्था को 61 लाख देने की घोषणा मंच के जरिए अचानक कर दी गई। जबकि पदाधिकारियों से कोई सहमति नहीं ली गई। सदस्यों ने कहा कि अभी आरक्षण समाज को नहीं मिला है। ऐसे में भविष्य में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए 36 बिरादरी से एकत्रित की गई राशि बिना सहमति के दिया जाना समाज के साथ धोखा है। चंदा दूसरी संस्था को दिए जाने पर नाराज सदस्यों ने कहा कि 18, 21 और 28 मई को अलग-अलग बैठकों में सर्वसम्मति से चंदा राशि समाज हित के कार्यों में झज्जर में ही खर्च किए जाने का निर्णय लिया गया था। जिसकी कार्यवाही समिति के रजिस्टर में भी दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त राशि सम्मान समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को अन्य संस्था को देने का एलान किया गया था।
प्रस्ताव पास कर दिया है, चंदा दिया जाएगा : धनखड़
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान जितेंद्र धनखड़ ने कहा कि प्रस्ताव उन्होंने वीरवार को राशलवाला चौक पर मीटिंग करके पास कर दिया। जिस पर 28 सदस्यों ने सहमति जताई है। जो लोग चंदा नहीं दिए जाने की बात कर रहे हैं। वे केवल अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। संस्थान समाज हित के लिए खोला जा रहा है। जिसमें झज्जर जिले द्वारा 61 लाख का चंदा दिया जाएगा। धनखड़ ने कहा कि सम्मान समारोह के दिन सभी लोगों की मौजूदगी में यह घोषणा हुई थी। जिसे सभी ने स्वीकार किया था। अब बात से हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। जो लोग ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं, वो समाज विरोधी हैं।
61 लाख के चंदे पर रार, जाट संघर्ष समिति हुई दो फाड़
- कैशियर और उपप्रधान ने कोचिंग संस्थान को चंदा देने पर जताई नाराजगी
- जिला प्रधान बोले : प्रस्ताव पास, दिया जाएगा संस्थान के लिए चंदा