किसानों के लिए भोजन तैयार करने में जुटे कर्मचारी। संवाद
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बहादुरगढ़। शुक्रवार को किसान आंदोलन का बहादुरगढ़ में 72वां दिन रहा। किसान अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह कड़ाके की ठंड में डटे हुए हैं। बहादुरगढ़ पड़ाव में किसान अपने लिए खाना बनाने के लिए पंजाब से ही कर्मचारियों को बुला रहे हैं। बहादुरगढ़ बाईपास पर पंजाब के श्रीमुक्तसर शहर से पहुंचे किसान गुरजिंदर सिंह ने बताया कि अपने शहर से ही कर्मचारियों को खाना बनाने के लिए लेकर आए हैं। प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। पांच कर्मचारी उनके गांवों से यहां पहुंचे 30-40 लोगों का प्रतिदिन भोजन बनाते हैं। उन्होंने बताया कि उक्त कर्मचारी तब तक यहां रहेंगे, जब तक यह आंदोलन खत्म न हो जाए। वे उनकी इसी तरह सेवा करते रहेंगे। कर्मचारी सुबह के समय पराठे तैयार करते हैं तो दोपहर को रोटियां और सब्जी बनाते हैं। इसी तरह फिर शाम का भोजन तैयार करते हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है, यदि सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त कर दे तो वह अपने घर वापस चले जाएंगे। अन्यथा उन्हें यहां पर कितना ही समय क्यों न लग जाए, वे यहीं पर डटे रहेंगे। केंद्र सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। वह गरीब और किसानों की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। वहीं किसानों के लिए खाना तैयार कर रहे सुकदेव, परमिन्दर ने कहा कि वे सुबह से शाम तक किसानों की सेवा में लगे रहते हैं।