झज्जर जिला से प्रवासी श्रमिकों को बुलंदशहर के लिए रवाना करते प्रशासनिक अधिकारी।
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झज्जर। कोरोना वैश्विक महामारी के तहत चल रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण में जिले में मौजूद कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया प्रशासन की ओर से निरंतर जारी है। इन लोगों को घर भेजने की खुशी इनके चेहरों पर साफ झलक रही है। बुधवार को जिले से राज्य परिवहन की 15 बसों से करीब 600 प्रवासी श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच उपरांत उत्तर प्रदेश राज्य के बुलंदशहर के लिए रवाना किया गया। साथ ही बिहार राज्य के पटना क्षेत्र में रोहतक से जाने वाली ट्रेन से जिले के 130 कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को भेजा गया है।
अधिकारियों की देखरेख में भेजे जा रहे श्रमिक
नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका ने बताया कि बुधवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के लिए मथुरा और बागपत कलस्टर के प्रवासी श्रमिकों को लेकर झज्जर उपमंडल के तहत खंड मातनहेल से 5 रोडवेज बसें, साल्हावास से दो बसें और झज्जर से 2 बसें, बेरी उपमंडल से 3 बहादुरगढ़ से एक बस रवाना हुई। झज्जर में एसडीएम शिखा और बीडीपीओ रामफल, बेरी में एसडीएम डा.राहुल नरवाल, बहादुरगढ़ में एसडीएम तरुण पावरिया, बादली से एसडीएम विशाल, मातनहेल से बीडीपीओ अजित सिंह और साल्हावास से बीडीपीओ निशा की मौजूदगी में प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच उपरांत पानी की बोतल, बिस्कुट और मास्क देकर भेजा गया।
जिले से बुधवार को बिहार के पटना कलस्टर के अंतर्गत आने वाले जिलों के 130 प्रवासी श्रमिकों को रोहतक रेलवे स्टेशन पर भेजा गया जहां से वे ट्रेन के माध्यम से गंतव्य की ओर रवाना हुए। जबकि 600 श्रमिकों को बसों के माध्यम से यूपी भेजा गया है।
- डॉ. सुभिता ढाका, सीटीएम, झज्जर।