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मतदान को निर्बाध रूप से करवाना पीठासीन अधिकारी की जिम्मेवारी : सीटीएम

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झज्जर। सीटीएम अश्वनी कुमार ने मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित संवाद भवन में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षण दिया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान प्रक्रिया के लिए तय नियमावली के बारे में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को विस्तार से जानकारी देते हुए सीटीएम ने कहा कि पीठासीन अधिकारी व सहायक पीठासीन अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान ज्यादा से ज्यादा सीखने व जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करें ताकि मतदान के दिन 12 मई को जानकारी के अभाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सीटीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त संजय जून के मार्गदर्शन में जिला के सभी 798 मतदान केंद्रों के पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को सत्रवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संपन्न करवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विस्तार से और सरल भाषा में नियमावली तैयार की है। इसी नियमावली के तहत जिला के सभी 798 बूथों पर नियुक्त पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि मतदान के दिन पूरी दक्षता के साथ अपना कर्तव्य निर्वहन कर सकें।
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सुबह छह बजे करना होगा मॉक पोल
प्रशिक्षण शिविर में सीटीएम ने मतदान केंद्र की नियंत्रण यूनिट, मतदान यूनिट व वीवीपैट यूनिट की जांच, मॉक पोल, मतदान सामग्री प्राप्त करना, मिलान करना व मतदान सामग्री की जांच करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुुए कहा कि 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एक दिन पूर्व यानी 11 मई को सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर इसकी सूचना संबंधित एआरओ को देंगे। नोडल अधिकारी ने कहा कि 12 मई को चुनाव शुरू होने से पहले प्रात छह बजे पोलिंग एजेंट्स के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट्स के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है।
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