अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर मेें अब सीवरेज लाइनों की छंटाई के लिए जैटिंग मशीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। विभाग ने मशीन का एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया है। अब जल्द ही यह मशीन उपलब्ध होने की उम्मीद है। अमर उजाला इस मुद्दे को लगातार उठाता आ रहा है।
शहर में सीवरेज व्यवस्था पिछले छह माह से पटरी पर नहीं है। पिछले दिनों नगर पार्षदों व जनस्वास्थ्य अधिकारियों के बीच इसे लेकर बातचीत भी हुई थी। पार्षदों ने धरना भी शुरू कर दिया था। बाद में कार्यकारी अभियंता ने जल्द ही सीवरेज लाइनों की छंटाई करने का आश्वासन दिया था। इस दौरान तिकोना पार्क से ढाणी फाटक व दिल्ली रोड मेन लाइन ज्यादा रुकी रही, इस वजह से दिल्ली बाईपास स्थित एसटीपी तक सीवरेज का पानी नहीं पहुंच पाया जिससे सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होने लगी और शहर के नीचले भागों में सड़कों पर सीवर का पानी भर गया। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस समय वार्ड व सार्वजनिक भागों में स्थित सीवरेज लाइनों की छंटाई का काम विभाग कर्मचारी समय-समय पर कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों से केवल छोटी लाइनों की छंटाई हो पाती है। मेन लाइनों की छंटाई कार्य नहीं हो पाता, जिससे बार-बार यह समस्या बढ़ जाती है।
शहर के पुराने भागों में सीवरेज की ज्यादा समस्या बनी रहती है। करीब 40 साल पुरानी सीवरेज लाइनें ज्यादा ब्लॉक हो रही हैं। बस स्टैंड के सामने, तिकोना पार्क, एमसी कालोनी, ढाणी फाटक, पुराना झज्जर रोड सहित कई भागों में सीवरेज की विकट समस्या बनी रहती है।
मशीन बरसाती सीजन आने से पहले आने की उम्मीद
जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने अब जैटिंग मशीन का एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया है। अब जल्द ही यह मशीन उपलब्ध होने की उम्मीद है। विभाग के अधिकारियों का प्लान है कि जुलाई में बरसाती सीजन से पहले शहर की सीवरेज व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए। ताकि बरसाती पानी की निकासी में किसी प्रकार की परेशानी न आए। बारिश में तो शहर के हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। बाजारों में पानी का जमाव हो जाता है, जिससे दुकानदारों व आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
वर्जन
शहर के लिए सीवरेज छंटाई की मशीन का एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया है। इसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मशीन मिलने पर शहर में नियमित रूप से लाइनों की छंटाई का कार्य होता रहेगा। मशीन आने के बाद सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या नहीं गहराएगी।
- जेई मुकेश कुमार, जनस्वास्थ्य विभाग।