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आईएमए हड़ताल पर, नीमा ने किया बायकाट

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आईएमए हड़ताल पर, नीमा ने किया बायकाट
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
एनएमसी बिल के विरोध में मंगलवार को आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े चिकित्सक हड़ताल पर रहे। नीमा (नेशनल इंटिग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) ने हड़ताल का बायकाट कर अपनी चिकित्सा सेवाएं जारी रखीं। आईएमए से जुड़े जिले में करीब 15 अस्पताल बंद रहने से मरीजों को आंशिक परेशानी हुई। हड़ताल का असर सिविल अस्पताल की ओपीडी पर भी नजर नहीं आया। एक सप्ताह में अस्पताल की ओपीडी औसतन 220 थी जो कि मंगलवार को महज 190 तक सिमट कर रह गई। आईएमए जिला प्रधान एसके खेतान की अगुवाई में चिकित्सकों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन डीसी कार्यालय पहुंचकर सौंपा।
आईएमए जिला प्रधान एसके खेतान ने बताया कि एसोसिएशन से जुड़े करीब 15 चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन चिकित्सकों ने सुबह छह से शाम छह बजे तक ओपीडी की सेवाएं बंद रखी। एसोसिएशन सचिव डॉ. अरविंद गर्ग ने बताया कि मौजूदा स्वरूप में एनएमसी बिल बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह गरीब विरोधी, जन विरोधी और लोकतंत्र विरोधी है। इस बिल के लागू होने के बाद प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को मनमानी फीस और मनमानी सीट निर्धारित करने का अधिकार मिल जाएगा। आईएमए सह-सचिव डॉ. योगेंद्र देशवाल ने कहा कि प्रस्तावित बिल के बाद देश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर गर्त में चला जाएगा।
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एसके खैतान ने बताया कि अगर ये विधेयक कानून बन गया तो देश में मेडिकल प्रोफेशन बर्बाद हो जाएगा। इस विधेयक के अनुसार ऐसे लोग भी डॉक्टर बन जाएंगे जिन्होंने कभी भी मॉडर्न चिकित्सा की पढ़ाई नहीं की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीसी के मार्फत प्रधानमंत्री को अपना ज्ञापन भेजा। इस दौरान दादरी आईएमए के संरक्षक डॉ. आरसी शर्मा, उप-प्रधान डॉ. एसएस कादयान, कोषाध्यक्ष डॉ. अशोक गोयल, डॉ. महावीर लाकड़ा, डॉ. आरएस सहरावत, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. सुशीला डागर, डॉ. उमेद दिशोदिया, डॉ. एससी गुप्ता, डॉ. लक्ष्मी मुदम्गिल आदि उपस्थित थे। एसके खेतान ने बताया कि जिले के इन 15 अस्पतालों में प्रतिदिन 700 से 800 ओपीडी आती है, जोकि मंगलवार को दिनभर ठप रही।
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कोट
नीमा ने इस हड़ताल का बायकाट किया है। शहर में नीमा से जुड़े करीब 40 अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं जारी रहीं। नीमा हड़ताल के पक्ष में नहीं है। चूंकि इसके चलते मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। आगरे से अगर कोई हड़ताल प्रस्तावित होती है तो नीमा से जुड़े चिकित्सक मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों का उपचार करेंगे। - डॉ. कर्णवीर, प्रधान, नीमा
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