अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
गांव सिवाना में अवैध कब्जा हटाने गई टीम को विरोध के बाद बिना कब्जा हटवाए बैरंग लौटना पड़ा। ग्राम पंचायत ने कहा है कि अगर कब्जा हटाने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिलता है तो भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
जानकारी के अनुसार सिवाना गांव के सरपंच हरिओम ने गांव से अवैध कब्जा हटाने की शिकायत सीएम विंडो पर लगाई थी। इस शिकायत पर शनिवार को तहसीलदार रमेश कुमार व बेरी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बिजेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ गांव सिवाना में अवैध कब्जे हटवाने पहुंचे। जब अधिकारी टीम के अन्य सदस्यों व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण इनकी मंशा को भांप गए और उन्होंने इन अधिकारियों व टीम को देखते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। यह भी बताया गया है कि ग्रामीणों ने इस टीम का गांव में पहुंचते ही रास्ता रोक लिया। ग्रामीणों के आक्रोष व मामले की गंभीरता को भांपकर अवैध कब्जे हटवाने गई इस टीम को बैरंग ही वापस लौटना पड़ा।
पुलिस बल कम था इसलिए वापस लौटना पड़ा : तहसीलदार
बेरी के तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि गांव सिवाना में पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी। उसी शिकायत पर कार्यवाही करते हुए एक टीम गांव सिवाना गई थी। लेकिन वहां काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। उनके पास उस समय पुलिस फोर्स कम थी इसी के चलते टीम फिलहाल वापस लौट आई। अब पुलिस के पुख्ता इंतजाम के बाद ही दोबारा से गांव सिवाना में अवैध कब्जे हटवाने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन मदद नहीं देगा तो करेंगे भूख हड़ताल : सरपंच
गांव सिवाना के सरपंच हरिओम ने बताया कि गांव में पंचायती जमीन पर ग्रामीणों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं और एक तरफ तो सरकार ग्राम पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जों को हटवाने की बात कहती और गांव सिवाना में अवैध कब्जे हटवाने के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है और अगर प्रशासन मदद नहीं करेगा तो मजबूरीवश भूख हड़ताल करेंगे।
गांव सिवाना में अवैध कब्जे हटाने गई टीम बैरंग लौटी
सरपंच बोला, अवैध निर्माण हटाने में प्रशासन का सहयोग नहीं मिला तो करेंगे भूख हड़ताल