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स्ट्रीट लाइटों में धांधली, ठेकेदार को नोटिस

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स्ट्रीट लाइटों में धांधली, ठेकेदार को नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर में हाल ही में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता पर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। इस संबंध में पार्षदों ने नगर परिषद के अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी दी है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर नगर परिषद के अधिकारियों ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। नोटिस में ठेकेदार को लाइटें बदलने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। नोटिस में जारी हिदायतों के अनुसार अगर ठेकेदार ऐसा नहीं करता है तो उसकी पेमेंट रोक दी जाएगी। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि लाइटें मानकों के अनुसार ही लगाई गई हैं। फिर भी अगर कोई लाइट खराब है तो तुरंत प्रभाव से उसे बदल दिया जाएगा। स्ट्रीट लाइटों के प्रोजेक्ट पर करीब पांच लाख रुपये लागत आने की संभावना है। वहीं, नगर परिषद वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण ने तो स्ट्रीट लाइट मामले में धांधली करने का आरोप लगाकर इस संबंध में आरटीआई लगाने का तर्क दिया है। वाइस चेयरमैन का कहना है कि लाइट खरीद में उन्हें गड़बड़ी की आशंका है। वहीं, कुछेक पार्षद भी ठेकेदार के स्ट्रीट लाइटें लगाने के कार्य से संतुष्ट नहीं है।
परिषद हाउस की लगातार तीन बैठकों में पार्षदों ने शहर में स्ट्रीट लाइटों की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। शहर के सभी 21 वार्डों में स्ट्रीट लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर आखिरकार सहमति बन गई थी। इसके बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन इसके बाद करीब आठ माह तक यह मसला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। बता दें कि 300 नई लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर परिषद हाउस की बैठक में मुहर लगने के बाद भी सरकार द्वारा जारी की गई नियमों व शर्तों के चलते मामला सिरे नहीं चढ़ पाया था। वहीं, कई माह तक मामला लटकने के चलते पार्षदों ने बैठक में हंगामा भी किया था। इस समय शहर में करीब 4500 स्ट्रीट लाइटें, हाई मास्क व एलईडी लाइटें शहर के सभी 21 वार्डों में लगी हुई हैं। दो महीने पहले ही नगर परिषद ने इस संबंध में टेंडर अलॉटमेंट कर एक कंपनी को इसका ठेका दिया था। इसके अनुसार करीब हर वार्ड में 10 से 12 स्ट्रीट लाइटें लगनी थीं। करीब एक सप्ताह पूर्व ही ठेकेदार ने यह कार्य पूरा किया है लेकिन पेमेंट के भुगतान से पहले ही पार्षदों ने इनकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान उठा दिए। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि कुछ पार्षदों ने इनकी गुणवत्ता से असंतुष्ट होकर लिखित में भी शिकायत सौंपी थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर गत आठ सितंबर को ही नगर परिषद सचिव ने संबधित ठेकेदार को इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया। बाकायदा इस नोटिस की एक कॉपी को जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा को भी भेजी गई। नप सूत्रों का कहना है कि वीरवार को इस संबंध में ठेकेदार ने नगर परिषद सचिव व चेयरमैन से भी मुलाकात की है। इस दौरान सचिव संजय यादव ने सभी वार्डों की लाइटें दुरुस्त होने के बाद ही पेमेंट का भुगतान करने का तर्क ठेकेदार को दिया।
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इन मुख्यमार्गों पर भी लगाई गई हैं लाइटें
लाइट इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 300 लाइटें शहर में लगाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि एक वार्ड में 10 से 12 लाइटें लगाई गई हैं। वार्डों की अंदरूनी गलियों के अलावा ये लाइटें दादरी-रोहतक रोड स्थित विवेक नगर, बधवाना गेट से वाल्मीकि नगर सड़क, गांधी नगर सड़क, ढाणी फाटक से रेलवे स्टेशन रोड पर भी नई स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई हैं।

चार बार फ्लॉप हुई थी टेंडर प्रक्रिया
नगर परिषद ने जनवरी माह में स्ट्रीट लाइटें लगवाने का खाका तैयार किया था। यह मामला सिरे नहीं चढ़ पाया। लाइट इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार की मानें तो नगर परिषद ने पांच दफा इसके लिए टेंडर लगाए थे। सरकार के निर्धारित मानकों के चलते किसी एजेंसी के आवेदन न करने से चार दफा टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई थी। इसके बाद नगर परिषद ने जिला उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा से मंजूरी लेकर करीब दो माह पहले ही पांचवीं दफा टेंडर लगाए थे और इस बार यह मामला सिरे चढ़ गया था।


रोकी जा सकती है ठेकेदार की 5.10 लाख की पेमेंट
लाइट इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार ने बताया कि एक स्ट्रीट लगाने पर करीब 1700 रुपये लागत आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 300 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इस लिहाज से इनकी कीमत करीब 5.10 लाख रुपये होने का अनुमान है। वहीं, नगर परिषद सचिव संजय यादव ने बताया कि जब तक सभी 21 वार्डों के पार्षद संतुष्टि पत्र नहीं मिल जाते तब तक ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा।

लगाते ही खराब हो गई स्ट्रीट लाइटें
मेरे वार्ड में करीब सात लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से दो खराब पड़ी हैं। वार्डों में जो लाइटें लगाई गई हैं इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। - महेश गुप्ता, पार्षद वार्ड दो
शहर में जो स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं ये उत्तम किस्म की नहीं है। लगाने के कुछ सम बाद ही ये खराब हो गई। मैं इसके लिए आरटीआई लगाऊंगा। - दीपक श्योराण, वाइस चेयरमैन

वर्जन::
पार्षदों की शिकायत पर ठेकेदार को हमने नोटिस दे दिया है। जब तक सभी पार्षद संतुष्टि पत्र नहीं दे देते तब तक हम ठेकेदार की पेमेंट नहीं करेंगे। इस मामले से हमने ठेकेदार को अवगत करा दिया है। - संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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वर्जन::
मैंने सांगवानस कंपनी की लाइटें लगाई हैं और इनकी क्वालिटी ठीक है। कई दफा बेड स्विच को खींचने से इनमें फॉल्ट आ जाता है। अगर कोई लाइट खराब हैं तो मैं उसे दुरुस्त करवा दूंगा। - महेंद्र कुमार, ठेकेदार
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