अमर उजाला ब्यूरो
बेरी/झज्जर।
प्रदेश सरकार भले ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है। लेकिन गांव डीघल में छात्राओं के लिए महिला स्पेशल बस की सेवा न होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि महिला बस चलवाने के लिए विभाग के अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत भी कर चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। छात्राओं ने बताया कि गांव डीघल से करीब एक साल पहले महिलाओं की अलग से बस जाती थी। जोकि करीब एक साल से बंद है। जिससे कॉलेज में जाने वाली छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी तरह बेरी में भी दो बसें बंद होने से छात्राओं को परेशानी होती है वो बसों के पायदान व निजी वाहनों को सफर कर जाते है, जिससे समय पर कॉलेज में भी नही पहुंचा जाता है।
बोली छात्राएं
छात्रा पूनम, प्रियंका, हिमानी, प्रीति, पूजा, काजल, सीमा, मोनिका, आरती, वंदना, नीलम, निकिता, पिंकी, गीता, मुस्कान आदि ने बताया कि गांव डीघल में पिछले एक साल से विभाग द्वारा महिला बस को बंद किया हुआ है। वहीं वर्तमान में जो बसें सुबह बेरी व झज्जर से आती है, उनमें जगह ही नहीं होती। ऐसे में छात्राओं को बस की खिड़की में लटककर जाना पड़ता है या फिर निजी वाहनों में सफर करना पड़ता है।
उच्च शिक्षा के लिए जाते है रोहतक-झज्जर
छात्राओं का कहना है कि साधारण परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बस से रोहतक जाना पड़ता है। महिलाओं की बस सेवा न होने के कारण काफी परेशानी होती है। बस सेवा ने होने के कारण कई परिवारों को अपनी बेटियों की पढ़ाई बीच में ही छुड़वानी पड़ती है।
वर्जन
गांव डीघल में महिला बस चलाने को लेकर गांव की छात्राओं द्वारा लिखित व मौखिक रूप से शिकायत मिली थी और छात्राओं की समस्या को देखते हुए सोमवार से गांव डीघल से महिला बस को शुरू कर दिया जाएगा और छात्राओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- नवीन कुमार, टीएम रोहतक परिवहन विभाग।
- पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी है छात्राओं के लिए स्पेशल बस की सुविधा
- बस नहीं चलाने पर छात्राओं ने किया आंदोलन का ऐलान