अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सरकारी अफसरों पर नगरपालिका इस समय पूरी मेहरबानी दिखा रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि शहर की करीब 60 हजार की आबादी के लिए केवल 90 तो मात्र 10 सरकारी अफसरों के लिए 30 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इन सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह शहर की जनता के खून-पसीने से चुकाए जाने वाले टैक्स से दी जाती है। सरकारी अफसरों के पास तो वैसे ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होते हैं।
लेकिन साहब की जी हुजूरी में कोई कमी न आए, इसलिए हर अफसर की कोठी पर नपा ने 2-3 सफाई कर्मी तैनात कर रखे हैं। वहीं, जिले के एक अफसर के पास तो पांच सफाई कर्मी हैं। इतना ही नहीं इन सफाई कर्मियों की इतनी हिम्मत नहीं होती कि वो आधे घंटे के लिए भी इधर से उधर हो जाएं। अगर ऐसी गड़बड़ की तो नपा अफसर को शिकायत कर तनख्वाह कटवा दी जाती है।
ऑफ द रिकार्ड है सारा खेल
नपा द्वारा किए जा रहे इस पूरे प्रकरण में खास बात यह है कि ये पूरा खेल ऑफ द रिकार्ड चल रहा है। उक्त सफाई कर्मचारी सुबह होते ही सीधे अफसर की कोठी पर जाते हैं और इनकी हाजिरी के लिए एक सुपरवाइजर लगाया गया है। जो कभी अफसर की कोठी पर तो कभी नपा के कार्यालय में बुलाकर इनकी हाजिरी दर्ज कराता है। क्योंकि सफाई कर्मियों की हाजिरी का कार्य यहां पर बायोमीट्रिक की बजाय मैन्यूअल चल रहा है।
हर जगह कूड़े के ढेर
शहर में इस समय नपा की इस बेरुखी के चलते हर चौक-चौराहे पर कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं। जिस पर नपा के कर्मचारी कुछ नहीं कर पाते। ऐसा इसलिए है क्योंकि शहर के हर वार्ड में भी 4-5 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं नपा के इन सफाई कर्मियों के कंधों पर ही स्ट्रे कैटल फ्री योजना को सिरे चढ़ाने का जिम्मा है। इससे पीछा छूटे तो कर्मचारियों को फॉगिंग मशीन थमा दी जाती है। शहर के लोगों का गंदगी से पीछा छुड़ाने के लिए नपा के इन सफाई कर्मियों के पास अधिकारियों ने कोई टाइम हीं नहीं छोड़ा है।
हाउस बैठक में उठाया जाएगा मामला
हाउस की बैठक में मामला उठाया जाएगा। शहर के लोग गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी कर जिला प्रशासन के अफसरों की सेवा में लगे हुए हैं। ऐसा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके वार्ड में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नपा अधिकरियों की इस तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। नपा अधिकारियों से मीटिंग में पूछा जाएगा कि आखिर किस प्रावधान से सफाई कर्मी भेजे जा रहे हैं।
- दिनेश यादव, नगर पार्षद, वार्ड-7 झज्जर।
- अभी ज्वाइन किया है मैंने: सैनी
मैंने तो कुछ दिन पूर्व ही ज्वाइन किया है, इसलिए अभी यहां की सारी चीजों से वाकिफ नहीं हूं। अगर ऐसा है तो वे सीएसआई ब्रांच के कर्मचारियों से पता करवाएंगे।
- नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
- कोठियां चमकाने के लिए 125 में से 30 कर्मचारियों को ड्यूटी