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पति की मौत के बाद इलाज के लिए तरसती रही महिला

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
शहर के ट्रामा सेंटर में आए दिन मरीजों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। रात्रि के समय तो यहां मरीजों की तरफ ध्यान भी नहीं दिया जा रहा। बीती रात भी पति की मौत के बाद एक असहाय महिला इलाज के लिए तरसती रही। महिला की मदद को आगे आए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्टाफ पर सही बर्ताव न करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, रविवार की देर शाम गांव रोहद के पास सड़क दुर्घटना में नेपाल मूल: निवासी सुभाष की मौत हो गई थी। सुभाष की मौत से सेक्टर-6 में रह रहा उसका परिवार बेहद सदमे में हैं। सदमे में उसकी पत्नी संगीता की तबीयत खराब चल रही थी। बुधवार शाम उसकी ज्यादा हालत बिगड़ी तो परिजन उसे उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में लाए। लेकिन यहां महिला को उपचार नहीं मिला।
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इधर, परिजन स्वास्थ्य कर्मियों के पास चक्कर लगा रहे थे और उधर, महिला अस्पताल के बैड पर बेसुध पड़ी थी। किसी तरह यह बात फैल गई। देर रात नरेश, वीरेंद्र बुल्लड़ पहलवान सहित कुछ सामाजिक कार्यकर्ता अस्पताल में पहुंचे। इनके मुताबिक, जब वो ट्रामा में पहुंचे तो कोई डॉक्टर या नर्स उक्त महिला को नहीं संभाल रहा था। बुल्लड़ ने बताया कि जब यहां मौजूद डॉक्टर से बात की तो उसने कहा कि वो एमबीबीएस डाक्टर हैं। महिला को मनोवैज्ञानिक डॉक्टर की जरूरत है, जो सुविधा यहां नहीं है। इसे पीजीआई रेफर किया जाएगा। लेकिन जैसे-तैसे बाद में स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को संभाल लिया और उसका उपचार शुरू किया।
बकौल बुल्लड़ महिला को देखने के लिए वह एवं रमेश राठी सहित कुछ अन्य लोग वीरवार की सुबह ट्रामा सेंटर गए तो वहां रात जैसे हालात थे। इन्होंने आरोप लगाया कि बीमार महिला को संभालने के लिए कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं, जबकि नर्सें मोबाइल चला रही थीं। महिला को चढ़ाए जा रहे ग्लूकोज की बोतल खाली होने की कगार पर थी। ग्लूकोज खत्म होने के बाद हवा से मरीज को बेहद खतरा हो सकता है, इसके बावजूद भी ध्यान नहीं दिया। तब उन्होंने ही बोतल से सप्लाई बंद की। करीब आधे घंटे तक भी महिला को कोई संभालने नहीं आया तो वे खुद नर्स रूम में गए। वहां नर्सों से बात की तो उनका कहना था कि कोई तीमारदार आकर बताएगा तभी तो संभालेंगे।
इसके बाद अस्पताल के एमएस डॉ. जितेंद्र कादियान से मिले। कार्यकर्ताओं ने उनके समक्ष समस्या रखी और सुविधाओं में सुधार की मांग की। हालत में सुधार आने पर करीब 10 बजे महिला को भी डिस्चार्ज कर दिया गया।
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अधिकारी बोले
एमएस जितेंद्र कादियान ने कहा कि अस्पताल के तमाम डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं। यदि रात को किसी मरीज के साथ सही बर्ताव नहीं हुआ है तो इस मामले की जांच कराई जाएगी। रात के स्टाफ से बातचीत करेंगे। यदि खामियां मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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