रेलवे ने बदला लूपलाइन का टूटा स्लीपर
बहादुरगढ़। दिल्ली-रोहतक रेलवे लाइन में बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर लूपलाइन का स्लीपर लगभग कई दिन पहले टूट गया था। स्लीपर टूटने का मामला जैसे ही विभाग के स्थानीय अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होंने स्लीपर को तुरंत ही बदलवा दिया।
बता दें कि बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन फ्लेटफार्म नंबर एक पर एसटीडी बूथ के पास लूपलाइन का स्लीपर लगभग चार दिन पहले टूट गया था। जिससे यहां से गुजरने वाली ट्रेन कभी भी हादसे का शिकार हो सकती थीं। वहीं दिल्ली रोहतक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाड़ा ने बताया कि रेलवे स्टेशन फ्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित एसटीडी बूथ के पास टूटे स्लीपर से सुपरफास्ट और शताब्दी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन गुजरती है। जैसे ही बोगी का पहिया टूटे वाले स्लीपर के ऊपर से गुजरता है तो ट्रेन का झुकाव भी होता है। उन्होंने बताया कि झुकाव के दौरान अगर स्लीपर का एक भी टुकड़ा ट्रेन के बीच में आ जाए तो ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो सकती है। उन्होंने बताया कि 13 मार्च को उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित एसटीडी बूथ के पास स्लीपर टूटे होने की जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी फोटो खींच कर रेलवे के अधिकारियों को सूचित किया।
शिकायत पर बोले अधिकारी
दिल्ली रोहतक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाड़ा ने बताया कि जब उन्होंने स्लीपर टूटे होने की जानकारी अधिकारियों को दी, तो अधिकारी ने उसे सही करवाने के बजाए यह कह दिया कि एक स्लीपर टूटे होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का यह जवाब बहुत ही गैरजिम्मेदाराना था। हालांकि अगले ही दिन विभाग ने स्लीपर को बदल दिया। सतपाल हाड़ा ने कहा कि विभाग की ओर से ट्रैक और पटरी को चेक किया जाता है, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक पर ही स्लीपर टूटा हुआ था जिस पर किसी की नजर नहीं गई। यह बहुत ही गंभीर विषय है अगर स्टेशन पर ही ऐसी लापरवाही बरती जा रही है तो इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान कोई ट्रेन हादसे का शिकार हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा ने बताया कि फ्लेफार्म नंबर की लूपलाइन का टूटा हुआ स्लीपर बदल दिया गया।