अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152डी के लिए अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग के लिए किसानों का धरना नौंवे दिन भी जारी रहा। वीरवार सुबह किसानों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त अजय सिंह तोमर के निमंत्रण पर वार्ता के लिए लघु सचिवालय पहुंचा। वहां उनकी एसडीएम सतबीर कुंडू और एनएचआई अधिकारियों से बंद कमरे में दो घंटे बैठक हुई जो कि बेनतीजा रही। बैठक के बाद बाहर आए किसान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर रोष व्यक्त किया। इन्होंने चेतावनी दी है कि अगर शनिवार तक 17 गांवों के किसानों की मांगें पूरी नहीं की गई तो फिर करीब 25 किसान प्रशासन से आत्महत्या करने के लिए अनुमति मांगेंगे और इस संदर्भ शनिवार को ही प्रशासन को पत्र भी सौंपा जाएगा।
हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों से जिला प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत का दौर जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे नायक तहसीलदार ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उन्होंने किसानों को वीरवार को डीसी के साथ बैठक करने का निमंत्रण दिया था। इसके चलते वीरवार सुबह 11 बजे किसानों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा। वहां उनकी एसडीएम सतबीर कुंडू और एनएचआई अधिकारियों से बैठक हुई। करीब एक बजे तक बैठक चली और एसडीएम कार्यालय से बाहर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। किसान प्रतिनिधिमंडल में शामिल अनूप फौगाट, विनोदी मौड़ी, रामनगर सरपंच राजीव यादव, राजकुमार मकड़ाना व बिजेंद्र टिकाण कलां ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों की मांगों को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि जिला उपायुक्त ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया था लेकिन हाल ही में एसडीएम का चार्ज संभालने वाले सतबीर कुंडू को बैठक के लिए भेज दिया। एनएच-152 डी के प्रोजेक्ट और किसानों की मांगों की उन्हें जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल किसानों का वक्त जाया कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब एसडीएम से बात की गई तो जवाब मिला कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की जानकारी ही नहीं है।
शनिवार को दोबारा होगी वार्ता
किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वीरवार को जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने बताया कि किसानों की सात मांगे हैं लेकिन उनमें से महज एक पर ही दो घंटे की बैठक में चर्चा हो पाई। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शनिवार को उन्हें बैठक के लिए फिर से बुलाया गया है और इस दौरान अगर मांगें सिरे चढ़ाने का आश्वासन नहीं मिला तो फिर कड़ा रुख किसान अपनाएंगे।
इन्होंने दिया धरने को समर्थन
17 गांवों के किसानों के धरने को लगातार समर्थन मिल रहा है। वीरवार को भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद, शहीद भगत सिंह सेना से कृष्ण फौगाट भूप सिंह दलाल, महावीर, बलवंत खरकड़ी, हवा सिंह, प्रेम नगर वेलफेयर एसोसिएशन से जगदेव कलकल सहित कई संगठनों के पदाधिकारी समर्थन देने पहुंचे।
24 घंटे बाद किसान उठाएंगे कड़े कदम
प्रतिनिधिमंडल सदस्य विनोद मौड़ी सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों को गुमराह कर समय बर्बाद कर रहा है। किसान तीन दिनों से प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर शनिवार तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो फिर बिना चेतावनी कड़ा कदम उठाया जाएगा और इसके तहत करीब 25 किसान जिला प्रशासन से आत्महत्या करने की अनुमति मांग सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह फैसला किसानों को मजबूर होकर लेना पड़ा है।