अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग लेकर धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर सोमवार शाम तक कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग सरकार ने मंजूर नहीं की तो मंगलवार को महिलाओं और पशुओं को साथ लेकर किसान लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। इस दौरान भी अगर सुनवाई नहीं हुई तो फिर और कड़े कदम उठाने की रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने किसानों की चेतावनी के मद्देनजर कहा कि अगर कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और इसमें एक साल तक जमानत का प्रावधान भी नहीं है। रविवार को पंवार खाप सहित विभिन्न राजनैतिक संगठनों के नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग के लिए रामनगर गांव के पास 17 गांवों के किसानों द्वारा दिया जा रहा है। धरना रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता कर रहे विनोद मौड़ी ने बताया कि रविवार तक धरने को विभिन्न खापों और 70 गांवों का समर्थन मिल चुका है। एनएच के लिए अधिग्रहीत जमीन के मौजूदा कलेक्टर रेटों से 17 गांवों के किसान संतुष्ट नहीं है। ये किसान कलेक्टर रेट में संशोधन की मांग कर रहे हैं और इसे लेकर गत सोमवार से रामनगर गांव के समीप धरना दे रहे हैं। अब तक विभिन्न राजनैतिक पार्टियों का किसानों के धरने को समर्थन मिल चुका है। शनिवार को इन किसानों ने कलेक्टर रेट में संशोधन करने के लिए जिला प्रशासन व सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जो कि सोमवार शाम को पूरा हो जाएगा।
विनोद मौड़ी ने बताया कि अब सरकार और प्रशासन के पास 24 घंटे का ही समय बचा है। इस दौरान अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो मंगलवार को विभिन्न गांवों के किसान लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में महिलाओं व पशुओं को भी शामिल किया जाएगा। विनोद मौड़ी ने बताया कि अगर इस दौरान भी बात नहीं बनी तो फिर आगामी रूपरेखा विचार-विमर्श कर तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि मांग को नजरअंदाज करने पर किसान और कड़े कदम उठाएंगे और इसकी चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है। रविवार को पंवार खाप-12 प्रधान बाबू सिंह, पूर्व विधायक रणबीर मंदोला, पूर्व विधायक जगजीत सांगवान, कांग्रेस प्रदेश सचिव अजीत फौगाट, युकां जिला प्रधान अनिल धनखड़, उमेद पातुवास आदि धरने को समर्थन देने पहुंचे।
किसानों को मिलेगा भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा: डीसी
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि जिला में किसी भी किसान की जमीन पर जबरन कब्जा नहीं लिया जाएगा। किसी अत्यंत जरूरी कार्य के लिए कब्जा लेने से पहले संबंधित सरपंच के माध्यम से गांवों के किसानों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉरीडोर के अंदर जिस किसी किसान की जमीन का अधिग्रहण किया है उनको भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा दिया जाना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहण की जाने वाले जमीन के लिए पूरे देश में एक जैसी दर से ही मुआवजा दिया जाता है और दादरी में भी पूरे देश पर लागू अधिग्रहण दर से ही मुआवजा दिया जाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए मुआवजे की राशि घटाने या बढ़ाने का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर होता है, जो पूरे देश में लागू होता है। उन्होंने कहा कि किसानों के धरने की आड़ में कई असामाजिक लोग अपने स्वार्थ पूरे करना चाहते हैं और जिला का माहौल खराब कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी कारण से जिला में कानून एवं शांति व्यवस्था बिगड़ती है तो दोषी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बाइक के जत्थे के साथ धरनास्थल पर पहुंचे युवा
युवा नेता राहुल स्वामी के नेतृत्व में रविवार को युवा बाइक के जत्थों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। इसकी शुरूआत रावलधी टी-प्वाइंट से हुई। राहुल ने बताया कि जतथे में 150 बाइक शामिल की गई थीं और धरनास्थल पर जाकर युवाओं ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की बातों को सरकार नहीं मानती है तो आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर कृष्ण फौगाट, रणवीर नेहरा, सुमित खातीवास, विपिन फौगाट, कालिया, रमेश, आकाश, रवि आदि युवा मौजूद थे।