अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। छुट्टी के बावजूद मंगलवार को 15वें दिन भी 395 एनएचएम कर्मचारी सामान्य अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी लगातार प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का एक ही कहना है कि सरकार बेशक उन्हें टर्मिनेट कर दे लेकिन वे किसी भी दबाव में आकर हड़ताल को खत्म नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें जिस दिन सरकार पूरी कर देगी उसी दिन वे काम पर लौट आएंगे। इसके अलावा चाहे उन्हें कितने ही दिन हड़ताल पर क्यों न करनी पड़े वे अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी और विभाग की ओर से मेडिकल मोबाइल सर्विस के 20 कर्मचारियों को दिए गए 24 घंटे में काम पर लौटने के नोटिस की अवधि समाप्त हो चुकी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन कर्मचारियों को बुधवार की सुबह ही टर्मिनेट कर दिया जाएगा। जबकि करीब 325 कर्मचारियों को विभाग की ओर से 24 घंटे में काम पर लौटने का नोटिस जारी किया जाएगा। अगर ये कर्मचारी भी काम पर नहीं लौटे तो नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें भी टर्मिनेट कर दिया जाएगा। तीन कर्मचारी नेताओं और रेफरल ट्रांसपोर्ट के 45 कर्मचारियों को टर्मिनेट किया जा चुका है। वीरवार को टर्मिनेट किए गए कर्मचारी नेताओं में जिला प्रधान मंजूरेखा, जिला उप प्रधान नवनीन, महासचिव गुलशन शामिल हैं। जबकि सोमवार को एंबुलेंस सेवाओं को लेकर 21 ईएमटी और 24 चालकों को भी टर्मिनेट किया जा चुका है।
हम अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। सरकार कर्मचारियों को टर्मिनेट करने की बजाय उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। जब सरकार हमें टर्मिनेट कर हड़ताल को तोड़ने का प्रयास कर रही है। लेकिन हम किसी भी दबाव को मानने वाले नहीं हैं। हमारी मांगे जायज हैं सरकार को बार-बार आश्वासन देने की बजाय कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए।
- मंजू रेखा, जिला प्रधान एनएचएम संघ, झज्जर।
मेडिकल मोबाइल सर्विस के 20 कर्मचारियों को दिए गए नोटिस की अवधि समाप्त हो चुकी है। बुधवार की सुबह ही इन कर्मचारियों टर्मिनेट कर दिया जाएगा। जबकि करीब 325 कर्मचारियों विभाग की ओर से 24 घंटे में काम पर लौटने का नोटिस जारी किया जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, प्रभारी एनएचएम, झज्जर।