झज्जर। जींद के गांव कमासखेड़ा निवासी मोस्ट वांटेड बदमाश दीपक की गोली मारकर हत्या हुई थी। हत्या की वारदात को 30 जनवरी की रात को अंजाम दिया गया था। उसके शव को साल्हावास पंप हाउस से पुलिस ने 2 फरवरी की सुबह बरामद किया था। अभी तक यह मर्डर साल्हावास थाना पुलिस के लिए रहस्य बना हुआ था। क्योंकि शव की शिनाख्त नहीं होने के कारण पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग रहा था। मर्डर पूरी तरह से ब्लाइंड नजर आ रहा था। ऐसे में एसटीएफ की कार्रवाई ने साल्हावास थाना पुलिस के भी इस केस की गुत्थी को सुलझा दिया है। केस सुलझने के बाद पुलिस ने दीपक के परिजनों से संपर्क किया व उन्हें फोटो दिखाया है, परिजनों ने भी कुछ हद तक फोटो दीपक का होने की ही संभावना जताई है।
टुकड़ों में मिला था शव
बदमाश दीपक का शव साल्हावास थाना पुलिस को टुकड़ों में मिला था। दो फरवरी को केवल सिर, पैर व हाथ कटा धड़ मिला था। दूसरी बार में 12 फरवरी को सिर व पैर के टुकड़े मिले थे। धड़ का पोस्टमार्टम जब करवाया गया तो उसमें से 315 बोर की दो गोलियां मिली थी। धड़ का एक्सरे करवाए जाने के बाद बॉडी में दो गोलियां होने का पता लगा था।
22 फरवरी तक रिमांड पर हैं आरोपी
एसटीएफ द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने के बाद सदर थाना पुलिस झज्जर ने दादरी तोए गांव निवासी मीना हत्याकांड में दो आरोपियों राकेेश व दीपक उर्फ मोटू को 22 फरवरी तक रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान सदर थाना पुलिस दोनों मर्डर के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। वहीं इसके बाद साल्हावास थाना पुलिस के द्वारा दीपक हत्याकांड में आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।
आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद पता लगा है कि आरोपियों ने दीपक की हत्या कर जेएलएन नहर में फेका था। दीपक के परिजनों ने भी फोटो देखकर संभावना जताई है। रिमांड के दौरान पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने दीपक का शव कहां से जेएलएन में फेंका था। मृतक भी मोस्टवांटेड होने के चलते गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई।
विकास ओहल्याण, एसएचओ, साल्हावास थाना।